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बलूचिस्तान स्वतंत्रता दिवस मार्च: पाकिस्तान में इंटरनेट और मोबाइल नेटवर्क पर पाबंदी, सुरक्षा के नाम पर बड़ा डिजिटल प्रतिबंध

क्वेटा/इस्लामाबाद। बलूचिस्तान में स्वतंत्रता समर्थक गतिविधियों और 11 अगस्त को मनाए जाने वाले तथाकथित बलूचिस्तान स्वतंत्रता दिवस को लेकर पाकिस्तान में एक बार फिर राजनीतिक और सुरक्षा माहौल संवेदनशील बना हुआ है। बलूच राष्ट्रवादी समूह 11 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाने का आह्वान करते रहे हैं। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, इस वर्ष भी विदेशों सहित विभिन्न स्थानों पर बलूच समर्थकों ने कार्यक्रम आयोजित किए।

मार्च और प्रदर्शनों के बीच बढ़ी निगरानी

बलूचिस्तान में लंबे समय से अलगाववादी संगठनों और पाकिस्तान सरकार के बीच तनाव जारी है। स्वतंत्रता समर्थक समूह पाकिस्तान से अलग स्वतंत्र बलूचिस्तान की मांग उठाते हैं, जबकि पाकिस्तान सरकार इसे राष्ट्रीय सुरक्षा और कानून-व्यवस्था का मुद्दा मानती है।

इसी संवेदनशील माहौल के बीच मोबाइल इंटरनेट और संचार सेवाओं पर प्रतिबंध लगाने का मुद्दा फिर चर्चा में आया है। 2025 में बलूचिस्तान सरकार ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए पूरे प्रांत में मोबाइल डेटा सेवाएं अगस्त के दौरान निलंबित की थीं।

इंटरनेट बंद करने पर उठे सवाल

पाकिस्तानी अधिकारियों का तर्क रहा है कि इंटरनेट और मोबाइल डेटा का इस्तेमाल हिंसक गतिविधियों के समन्वय में किया जा सकता है। हालांकि, मानवाधिकार संगठनों और डिजिटल-अधिकार समूहों ने ऐसे प्रतिबंधों पर चिंता जताई है। एमनेस्टी इंटरनेशनल के अनुसार, बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा में स्थानीय इंटरनेट शटडाउन आम रहे हैं और कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि इनका इस्तेमाल विरोध प्रदर्शनों और राजनीतिक रैलियों को प्रभावित करने के लिए भी किया जाता है।

आम लोगों और पत्रकारों पर असर

मोबाइल इंटरनेट बंद होने से आम नागरिकों के साथ-साथ पत्रकारों, छात्रों, कारोबारियों और ऑनलाइन सेवाओं पर निर्भर लोगों को भी परेशानी होती है। इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ जर्नलिस्ट्स ने भी अपनी पाकिस्तान रिपोर्ट में बलूचिस्तान में बार-बार होने वाली डिजिटल रुकावटों को पत्रकारिता के लिए चुनौती बताया है।

स्वतंत्रता की मांग और पाकिस्तान का रुख

बलूचिस्तान की स्वतंत्रता की मांग का इतिहास पुराना है और इस मुद्दे को लेकर पाकिस्तान के भीतर लंबे समय से राजनीतिक संघर्ष तथा सशस्त्र हिंसा भी होती रही है। 11 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाना बलूच राष्ट्रवादी आंदोलन का राजनीतिक प्रतीक है; इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में मान्यता प्राप्त स्वतंत्रता दिवस नहीं माना जाता। पाकिस्तान सरकार बलूचिस्तान को देश का अभिन्न प्रांत मानती है।

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Author: saryusandhyanews

SENIOR JOURNALIST

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