नई दिल्ली, 12 अगस्त 2026। देश के प्रमुख कारोबारी समूह टाटा ग्रुप में नेतृत्व परिवर्तन की आहट तेज हो गई है। टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने घोषणा की है कि वे अपने मौजूदा कार्यकाल की समाप्ति के बाद दोबारा चेयरमैन पद के लिए नियुक्ति नहीं मांगेंगे। उनका वर्तमान कार्यकाल 20 फरवरी 2027 को समाप्त होना है।
बोर्ड में नहीं बनी पुनर्नियुक्ति पर सहमति
रिपोर्टों के मुताबिक, चंद्रशेखरन का यह फैसला टाटा संस के बोर्ड में उनके कार्यकाल के विस्तार को लेकर पूर्ण सहमति नहीं बन पाने के बाद आया है। उन्होंने कहा कि करीब छह महीने पहले हुई बोर्ड बैठक के बाद भी उनकी पुनर्नियुक्ति पर समाधान नहीं निकल सका। ऐसे में उन्होंने बोर्ड को अपने फैसले की जानकारी दी।
अभी तत्काल पद नहीं छोड़ेंगे
चंद्रशेखरन के इस्तीफे का अर्थ यह नहीं है कि वे तुरंत टाटा संस से अलग हो रहे हैं। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, वे अपने मौजूदा कार्यकाल के अंत तक पद पर बने रहेंगे और उसके बाद नेतृत्व परिवर्तन होगा।
2017 में संभाली थी कमान
एन. चंद्रशेखरन ने 2017 में टाटा संस के चेयरमैन का पद संभाला था। इससे पहले वे टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के CEO रहे थे। टाटा ग्रुप में उनका करीब चार दशक का करियर रहा है।
उनके नेतृत्व में टाटा समूह ने तकनीक, ऑटोमोबाइल, विमानन और अन्य क्षेत्रों में विस्तार किया। उनके कार्यकाल में एयर इंडिया को टाटा समूह में वापस लाने जैसी महत्वपूर्ण कारोबारी घटनाएं भी हुईं।
बाजार में दिखा असर
चंद्रशेखरन के भविष्य को लेकर खबर सामने आने के बाद बुधवार को कई टाटा समूह की सूचीबद्ध कंपनियों के शेयरों में गिरावट देखी गई। TCS सहित कुछ प्रमुख टाटा कंपनियों के शेयरों पर दबाव आया, जिससे निवेशकों के बीच नेतृत्व परिवर्तन को लेकर चिंता दिखाई दी।
अब उत्तराधिकारी की तलाश महत्वपूर्ण
टाटा संस की आगामी 18 अगस्त 2026 की वार्षिक आम बैठक से पहले यह घटनाक्रम सामने आया है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि चंद्रशेखरन के बाद टाटा संस की कमान किसे सौंपी जाएगी।
Author: saryusandhyanews
SENIOR JOURNALIST



