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ट्रंप का बड़ा दावा: “अमेरिका के नियंत्रण में है होर्मुज”, ईरान से समझौते पर गतिरोध के बीच रणनीतिक जलडमरूमध्य को अपने पास रखने का संकेत

वॉशिंगटन/तेहरान, 12 अगस्त 2026। अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव तथा परमाणु एवं क्षेत्रीय सुरक्षा मुद्दों पर बातचीत में गतिरोध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका के पास होर्मुज जलडमरूमध्य का “पूर्ण नियंत्रण” है और संकेत दिया कि अमेरिका इस रणनीतिक स्थिति को आगे भी बनाए रख सकता है।

ट्रंप ने कहा—अमेरिका नियंत्रण बनाए रखेगा

ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा कि अमेरिका के पास होर्मुज पर “टोटल कंट्रोल” है और उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिका इसे अपने नियंत्रण में बनाए रख सकता है। उन्होंने अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी को मजबूत सैन्य क्षमता के प्रतीक के तौर पर पेश किया।

होर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ने वाला बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। दुनिया के ऊर्जा बाजार के लिए इसकी रणनीतिक अहमियत के कारण यहां किसी भी तरह का सैन्य या राजनीतिक गतिरोध वैश्विक तेल आपूर्ति और कीमतों को प्रभावित कर सकता है।

ईरान ने ट्रंप के दावे को खारिज किया

दूसरी ओर, ईरान ने अमेरिका के “पूर्ण नियंत्रण” के दावे को स्वीकार नहीं किया है। तेहरान की ओर से कहा गया है कि जलडमरूमध्य से संबंधित स्थिति उसके सुरक्षा हितों और मांगों से जुड़ी हुई है।

रिपोर्टों के मुताबिक, दोनों पक्षों के बीच बातचीत जारी रखने के प्रयास हो रहे हैं, लेकिन होर्मुज को लेकर मतभेद और कठोर रुख समझौते की राह में बड़ी चुनौती बने हुए हैं।

समुद्री यातायात में भारी गिरावट

तनाव का असर होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों की संख्या पर भी दिखाई दे रहा है। रिपोर्ट के अनुसार मंगलवार को केवल आठ जहाज जलडमरूमध्य से गुजरे, जबकि संघर्ष से पहले प्रतिदिन करीब 130 से 140 जहाजों का आवागमन होता था।

तेल बाजार पर भी असर

होर्मुज में लंबे समय तक तनाव रहने से अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में चिंता बढ़ रही है। समझौते की संभावनाओं को लेकर अनिश्चितता के बीच कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखी गई है।

अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष को समाप्त करने के लिए मध्यस्थता के प्रयास जारी हैं। लेकिन ट्रंप के ताजा बयान से यह संकेत मिलता है कि वॉशिंगटन होर्मुज को लेकर अपनी रणनीतिक बढ़त छोड़ने के लिए फिलहाल तैयार नहीं है। दूसरी ओर, ईरान भी जलडमरूमध्य को लेकर अपनी स्थिति पर कायम है।

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Author: saryusandhyanews

SENIOR JOURNALIST

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