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महाराष्ट्र सरकार ने नकली पनीर पर लगाया बैन, उल्लंघन पर 6 महीने जेल और 1 लाख रुपये जुर्माना

मुंबई। महाराष्ट्र सरकार ने उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए राज्य में एनालॉग यानी नॉन-डेयरी (नकली या कृत्रिम) पनीर के निर्माण, भंडारण, परिवहन, वितरण और बिक्री पर एक साल के लिए पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। यह आदेश खाद्य सुरक्षा आयुक्त तुकाराम मुंडे द्वारा 30 जुलाई 2026 को जारी किया गया और तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।

क्या है एनालॉग पनीर? एनालॉग पनीर असली दूध से नहीं बल्कि वनस्पति तेल, पाम ऑयल, स्टार्च, इमल्सीफायर और अन्य रसायनों से बनाया जाता है। यह दिखने और स्वाद में असली पनीर जैसा लगता है, लेकिन इसमें दूध की वसा और प्रोटीन की मात्रा बहुत कम होती है। कई होटल, रेस्टोरेंट, कैटरर्स और क्लाउड किचन इसे सस्ता विकल्प मानकर असली पनीर के नाम पर इस्तेमाल कर रहे थे, बिना उपभोक्ताओं को बताए।

प्रतिबंध की क्या शर्तें हैं? आदेश के अनुसार राज्य में एनालॉग पनीर का

  • निर्माण
  • प्रोसेसिंग
  • पैकेजिंग
  • भंडारण
  • परिवहन
  • थोक और खुदरा बिक्री
  • वितरण

पूरी तरह प्रतिबंधित है। होटल, रेस्टोरेंट या किसी भी खाद्य प्रतिष्ठान में इसे असली पनीर बताकर परोसना भी अनुचित व्यापारिक गतिविधि माना जाएगा।

सजा का प्रावधान खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के तहत उल्लंघन करने वालों पर

  • 6 महीने तक की जेल
  • 1 लाख रुपये तक का जुर्माना

लग सकता है। अगर असुरक्षित खाद्य पदार्थ खाने से किसी व्यक्ति की मौत हो जाती है, तो आजीवन कारावास और कम से कम 10 लाख रुपये जुर्माने का प्रावधान है।

क्यों लिया गया यह कदम? महाराष्ट्र एफडीए ने अप्रैल 2025 से मार्च 2026 के बीच 308 पनीर सैंपल्स की जांच की। इनमें से 109 (लगभग 35.4 प्रतिशत) सैंपल मानक से कम या असुरक्षित पाए गए। कई जगहों पर छापेमारी में नकली पनीर बनाने की फैक्ट्रियां पकड़ी गईं। पुणे के मंजरी खुर्द में एक गोदाम से 1,400 किलो नकली पनीर, 1,800 किलो स्किम्ड मिल्क पाउडर, पाम ऑयल और अन्य सामग्री जब्त की गई।

छत्तीसगढ़ के बाद महाराष्ट्र ऐसा प्रतिबंध लगाने वाला दूसरा राज्य बन गया है।

सरकार का रुख एफडीए ने चेतावनी दी है कि कोई भी व्यक्ति या प्रतिष्ठान अगर एनालॉग पनीर को असली पनीर बताकर बेचेगा तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे केवल शुद्ध दूध से बने पनीर का इस्तेमाल करें और संदेह होने पर नजदीकी एफडीए कार्यालय में शिकायत दर्ज कराएं।

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Author: saryusandhyanews

SENIOR JOURNALIST

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