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एयर इंडिया के नए सीईओ बने टेवोल्डे गेब्रेमारियम

नई दिल्ली। टाटा ग्रुप की प्रमुख एयरलाइन एयर इंडिया ने बुधवार को बड़े नेतृत्व परिवर्तन की घोषणा की है। कंपनी ने पूर्व इथियोपियन एयरलाइंस ग्रुप के मुख्य कार्यकारी अधिकारी टेवोल्डे गेब्रेमारियम को अपना नया सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टर नियुक्त किया है। वे मौजूदा सीईओ कैंपबेल विल्सन का स्थान लेंगे।

नियुक्ति की पृष्ठभूमि कैंपबेल विल्सन ने अप्रैल 2026 में अपना इस्तीफा सौंप दिया था। उन्होंने 2022 में टाटा ग्रुप द्वारा एयर इंडिया के अधिग्रहण के बाद एयरलाइन का नेतृत्व संभाला था। विल्सन सितंबर 2026 के अंत तक पद पर बने रहेंगे, जिसके बाद गेब्रेमारियम आधिकारिक रूप से जिम्मेदारी संभालेंगे। विदेशी मूल के अधिकारियों के लिए सुरक्षा मंजूरी की प्रक्रिया भी पूरी की जाएगी।

एयर इंडिया के बोर्ड ने व्यापक वैश्विक खोज के बाद यह फैसला लिया। बोर्ड कमेटी ने आंतरिक और बाहरी दोनों उम्मीदवारों का मूल्यांकन किया था।

कौन हैं टेवोल्डे गेब्रेमारियम? टेवोल्डे गेब्रेमारियम एविएशन जगत के अनुभवी और सफल अधिकारियों में गिने जाते हैं। उन्होंने इथियोपियन एयरलाइंस में 36 वर्षों से अधिक समय तक काम किया, जिसमें से 11 वर्ष ग्रुप सीईओ के रूप में बिताए। उनके कार्यकाल में इथियोपियन एयरलाइंस अफ्रीका की सबसे बड़ी और सबसे ज्यादा मुनाफा कमाने वाली एयरलाइन बन गई। इस दौरान कंपनी का राजस्व चार गुना से अधिक बढ़ा और बेड़े का आकार लगभग तीन गुना हो गया।

उन्होंने लंबी दूरी के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के विस्तार, ग्लोबल हब के विकास, एमआरओ (मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहॉल) क्षमताओं को मजबूत करने और एविएशन ट्रेनिंग इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कोविड-19 महामारी और 2019 के बोइंग 737 मैक्स दुर्घटना जैसे संकटों से भी उन्होंने एयरलाइन को सफलतापूर्वक निकाला।

वर्तमान में वे अमेरिकी एयरलाइन डेल्टा एयर लाइंस के सीनियर स्ट्रैटेजिक एडवाइजर हैं।

चेयरमैन का बयान टाटा संस और एयर इंडिया के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने कहा, “कैंपबेल के नेतृत्व में स्थिरता, एकीकरण और फ्लीट कमिटमेंट का प्रारंभिक चरण पूरा हो चुका है। अब एयर इंडिया क्रिटिकल एग्जिक्यूशन और विस्तार के युग में प्रवेश कर रही है। टेवोल्डे का ट्रैक रिकॉर्ड उन्हें एयर इंडिया का नेतृत्व करने के लिए सबसे उपयुक्त बनाता है। उनकी ऑपरेशनल विशेषज्ञता, सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता और हब डेवलपमेंट का विजन एयर इंडिया को एक प्रमुख वैश्विक एयरलाइन बनाने में सहायक होगा।”

नए सीईओ का बयान टेवोल्डे गेब्रेमारियम ने कहा, “एयर इंडिया का नेतृत्व करने का यह मौका मेरे लिए गौरव की बात है। एयर इंडिया की विरासत अद्वितीय है और भारत की आर्थिक क्षमता को दर्शाती विश्वस्तरीय एयरलाइन बनाने का अवसर बेहद रोमांचक है। मैं चेयरमैन चंद्रशेखरन, बोर्ड, कर्मचारियों और सभी भागीदारों के साथ मिलकर उत्कृष्ट ऑपरेशनल विश्वसनीयता, भारतीय आतिथ्य और दीर्घकालिक विकास सुनिश्चित करने के लिए काम करूंगा।”

एसएसएन टीम : एयर इंडिया इस समय कई चुनौतियों से जूझ रही है। इनमें पिछले साल की विमान दुर्घटना के बाद बढ़ा नियामकीय दबाव, मध्य पूर्व संघर्ष से जुड़े व्यवधान और पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र पर प्रतिबंध शामिल हैं, जिनसे परिचालन लागत बढ़ी है। कंपनी अब विस्तार, लाभप्रदता और वैश्विक प्रतिस्पर्धा पर फोकस कर रही है।

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Author: saryusandhyanews

SENIOR JOURNALIST

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