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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सांसदों के साथ लंच मीटिंग की मेजबानी की

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक अनोखे और यादगार अंदाज में संसद के विभिन्न दलों के सांसदों के साथ दोपहर का भोजन साझा किया। यह बैठक संसद भवन की कैंटीन में हुई, जो सांसदों के लिए पूरी तरह से सरप्राइज साबित हुई।

सरप्राइज इनविटेशन दोपहर करीब 2:30 बजे आठ सांसदों को प्रधानमंत्री कार्यालय से फोन आया कि पीएम मोदी उनसे मिलना चाहते हैं। जब वे पीएमओ पहुंचे, तो प्रधानमंत्री ने मुस्कुराते हुए कहा, “चलिए, आपको एक सजा देनी है।” सांसद हैरान रह गए। इसके बाद पीएम मोदी उन्हें संसद भवन की पहली मंजिल पर स्थित सांसद कैंटीन में ले गए।

कौन-कौन थे मौजूद इस अनौपचारिक लंच में विभिन्न दलों के सांसद शामिल हुए। इनमें भाजपा के केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन, हीना गावित, जामयांग त्सेरिंग नामग्याल और एस. फांगनोन कोन्याक के अलावा बीजेडी के सस्मित पात्रा, टीडीपी के राममोहन नायडू, बसपा के रितेश पांडे और आरएसपी के एन.के. प्रेमचंद्रन शामिल थे।

क्या हुआ लंच के दौरान लगभग 45 मिनट से एक घंटे तक चली इस बैठक में सांसदों ने वेज थाली, खिचड़ी, पनीर की सब्जी, दाल, चावल और रागी-तिल के लड्डू का आनंद लिया। प्रधानमंत्री ने खुद बिल चुकाया। बातचीत पूरी तरह अनौपचारिक रही।

सांसदों ने प्रधानमंत्री से उनके पसंदीदा व्यंजन के बारे में पूछा, तो उन्होंने “खिचड़ी” का जवाब दिया। पीएम मोदी ने अपनी दिनचर्या के बारे में भी बताया कि वे महज 3.5 घंटे सोते हैं और शाम 6 बजे के बाद खाना नहीं खाते। उन्होंने 2015 में पाकिस्तान यात्रा और कोविड संकट के दौरान सरकार के प्रयासों का जिक्र भी किया।

पीएम का संदेश इस मुलाकात में प्रधानमंत्री ने सांसदों से संसद के कामकाज, जनसेवा और देश के विकास पर खुलकर बात की। उन्होंने जोर दिया कि सांसदों को जनता से जुड़ाव बनाए रखना चाहिए और संसदीय परंपराओं का सम्मान करना चाहिए। सांसदों ने इस मौके को जीवन भर याद रखने वाला अनुभव बताया।

प्रतिक्रिया उपस्थित सांसदों ने कहा कि प्रधानमंत्री का यह कदम उनके व्यक्तित्व की सादगी और सांसदों के प्रति सम्मान को दर्शाता है। भाजपा सांसद हीना गावित ने इसे “बहुत यादगार अनुभव” करार दिया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अक्सर संसद सत्र के दौरान विभिन्न समूहों के सांसदों से अनौपचारिक मुलाकात करते रहते हैं। यह लंच मीटिंग भी उसी परंपरा का हिस्सा रही, जिसमें उन्होंने राजनीतिक सीमाओं से ऊपर उठकर सांसदों से सीधा संवाद स्थापित किया।

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Author: saryusandhyanews

SENIOR JOURNALIST

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