दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने सोमवार को पूर्व भाजपा सांसद और भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न मामले में बरी कर दिया। अदालत ने सह-आरोपी और WFI के पूर्व सहायक सचिव विनोद तोमर को भी सभी आरोपों से मुक्त कर दिया।
अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (ACJM) अश्विनी पंवार ने इन-कैमरा कार्यवाही के दौरान यह फैसला सुनाया। कोर्ट ने सबूतों के अभाव, गवाहों के बयानों में विरोधाभास और देरी को आधार बनाते हुए दोनों आरोपियों को दोषमुक्त किया। विस्तृत आदेश अभी उपलब्ध नहीं हुआ है।
मामले की पृष्ठभूमि
जनवरी 2023 में ओलंपिक पदक विजेता साक्षी मलिक, विनेश फोगाट, बजरंग पूनिया समेत कई महिला और पुरुष पहलवानों ने जंतर-मंतर पर धरना दिया था। उन्होंने बृजभूषण शरण सिंह पर WFI अध्यक्ष रहते हुए यौन उत्पीड़न, छेड़छाड़ और धमकी देने के आरोप लगाए थे। आरोप 2016 से 2019 के बीच WFI कार्यालय, उनके आधिकारिक आवास और विदेशी दौरे के दौरान लगे घटनाओं से जुड़े थे।
दिल्ली पुलिस ने जून 2023 में लगभग 1000-1500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की। इसमें भारतीय दंड संहिता की धारा 354 (महिला की लज्जा भंग), 354ए (यौन उत्पीड़न), 354डी (पीछा करना) और 506 (आपराधिक धमकी) के तहत आरोप लगाए गए थे। मई 2024 में कोर्ट ने आरोप तय किए। छह शिकायतकर्ताओं में से दो बाद में पक्ष-विरोधी हो गईं, जबकि एक मामले में आरोप तय नहीं किए गए।
ट्रायल लगभग दो साल चला। 2 जुलाई 2026 को अंतिम दलीलें पूरी होने के बाद फैसला सुरक्षित रखा गया था।
बृजभूषण का रिएक्शन
फैसला आने के बाद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा, “पहले दिन से मैंने कहा था कि अगर कोई आरोप साबित होता तो मैं खुद फांसी पर लटक जाता। आज कोर्ट ने मुझे बाइज्जत बरी कर दिया है। यह मेरे और मेरे समर्थकों के लिए खुशी का विषय है।” उनके वकील राजीव मोहन ने इसे ‘ऑनरेबल एक्विटल’ बताया।
पहलवानों की प्रतिक्रिया और आगे की योजना
ओलंपियन विनेश फोगाट और बजरंग पूनिया ने फैसले पर निराशा जताई। विनेश ने सोशल मीडिया पर लिखा कि सत्ताधारी दल के प्रभावशाली नेता के खिलाफ FIR दर्ज कराना साहस का काम था। उन्होंने आरोप लगाया कि बृजभूषण ने प्रभाव का इस्तेमाल कर कई लड़कियों को शिकायत वापस लेने के लिए डराया। “शुरुआत से ही पूरा सिस्टम, सरकार और व्यवस्था उन्हें बचाने में लगी रही। हम निराश हैं कि कोर्ट ने आरोप सही नहीं पाए। महिला पहलवानों ने वकीलों को निर्देश दिया है कि इस फैसले के खिलाफ अपील दायर की जाए। हमने उम्मीद नहीं खोई है और लड़ाई जारी रखेंगे।”
शिकायतकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता रेबेका जॉन पेश हुई थीं। अभियोजन पक्ष ने कहा कि फैसले की कॉपी मिलने के बाद उच्च न्यायालय में अपील पर विचार किया जाएगा।
Author: saryusandhyanews
SENIOR JOURNALIST




