Saryu Sandhya News

लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी का बड़ा दावा: भारतीय एजेंटों ने पाकिस्तान में 30 से ज्यादा आतंकियों को मारा

लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से जुड़े वरिष्ठ आतंकी रिजवान हनीफ ने एक वायरल वीडियो में दावा किया है कि पिछले तीन-चार साल में पाकिस्तान और पाक-अधिकृत कश्मीर (PoK) में संगठन के 30 से ज्यादा सदस्यों की हत्या भारतीय खुफिया एजेंटों ने करवाई है। यह दावा मई 2026 में रिकॉर्ड किए गए वीडियो में किया गया था, जो अगस्त 2026 की शुरुआत में सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया।

हनीफ, जिन्हें LeT का PoK डिप्टी चीफ और सीनियर कमांडर बताया जाता है, ने अपने संबोधन में कहा कि ये हत्याएं “अननोन गनमैन मॉडल” (अज्ञात बंदूकधारियों) के जरिए की गईं। उन्होंने दावा किया कि आतंकियों को पेशावर, कराची, रावलपिंडी, मुजफ्फराबाद और रावलाकोट जैसे शहरों में निशाना बनाया गया। उनके अनुसार, “पिछले तीन-चार सालों में हमारे 30 से ज्यादा लोगों को भारतीय खुफिया एजेंटों ने मार डाला है।”

यह LeT की तरफ से अपने सदस्यों के नुकसान का पहला सार्वजनिक स्वीकारोक्ति माना जा रहा है। हनीफ ने अपने भाषण में धार्मिक आधार पर भड़काऊ और अपमानजनक टिप्पणियां भी कीं। भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने हनीफ की पहचान और वीडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि की है।

भारत का रुख भारत ने ऐसे आरोपों को बार-बार खारिज किया है। भारतीय सरकार ने पहले भी पाकिस्तान में “अज्ञात बंदूकधारियों” द्वारा आतंकियों की हत्या के आरोपों को निराधार बताया है और इनका कोई सबूत न होने का जिक्र किया है।

पृष्ठभूमि पिछले कुछ वर्षों में पाकिस्तान और PoK में कई LeT आतंकियों की अज्ञात हमलावरों द्वारा हत्या की घटनाएं सामने आई हैं। इनमें 2006 में RSS मुख्यालय पर हमले से जुड़े आतंकी अबू सैफुल्लाह उर्फ रजाउल्लाह निजामानी की सिंध में हत्या भी शामिल है। हनीफ के दावे में किसी एक आत्मघाती हमले का जिक्र नहीं है, बल्कि कई वर्षों में फैली लक्षित हत्याओं का आरोप है।

यह घटना पाकिस्तान-अधिकृत कश्मीर, बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच आई है। LeT और उसके सहयोगी संगठन भारत में कई बड़े आतंकी हमलों के लिए जिम्मेदार रहे हैं, जिनमें 26/11 मुंबई हमला भी शामिल है।

एसएसएन अस्वीकरण: यह लेख उपलब्ध समाचार स्रोतों पर आधारित है। हनीफ के दावों का कोई स्वतंत्र सबूत उपलब्ध नहीं है और भारत इन्हें खारिज करता रहा है। आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में तथ्यों की पुष्टि जरूरी है।

saryusandhyanews
Author: saryusandhyanews

SENIOR JOURNALIST

Spread the love

यह भी पढ़ें

टॉप स्टोरीज