ग्लासगो। राष्ट्रमंडल खेल 2026 में भारत के युवा जूडो खिलाड़ी हर्ष सिंह ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पुरुषों की 60 किलोग्राम भार वर्ग स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीत लिया। इस जीत के साथ हर्ष सिंह ने भारतीय खेल इतिहास में नया अध्याय जोड़ दिया और राष्ट्रमंडल खेलों में जूडो के पुरुष वर्ग में भारत को ऐतिहासिक स्वर्ण दिलाया।
फाइनल मुकाबले में हर्ष सिंह का सामना ऑस्ट्रेलिया के अनुभवी जूडो खिलाड़ी जोशुआ काट्ज़ से हुआ। मुकाबला बेहद कड़ा और रोमांचक रहा। दोनों खिलाड़ियों के बीच लंबे समय तक कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली, लेकिन हर्ष ने अंतिम क्षणों में शानदार तकनीक और संयम का परिचय देते हुए निर्णायक बढ़त बनाई। उन्होंने मुकाबले के अंतिम 41 सेकंड में वाज़ा-अरी अंक हासिल कर स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया।
हर्ष सिंह की इस उपलब्धि को इसलिए भी विशेष माना जा रहा है क्योंकि वह राष्ट्रमंडल खेलों में जूडो स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष जूडो खिलाड़ी बन गए हैं। यह उनका पहला राष्ट्रमंडल खेल अभियान था और उन्होंने अपने पदार्पण में ही स्वर्ण पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया।
राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय जूडो के लिए यह दिन ऐतिहासिक रहा। हर्ष सिंह के साथ भारत की अस्मिता डे ने भी महिला 48 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर देश को बड़ी सफलता दिलाई। दोनों खिलाड़ियों की स्वर्णिम जीत से भारत ने जूडो में ऐतिहासिक डबल गोल्ड हासिल किया।
हर्ष सिंह की जीत के बाद भारतीय खेल जगत में उत्साह का माहौल है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि यह उपलब्धि देश में जूडो के प्रति युवाओं की रुचि बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। हर्ष ने अपने प्रदर्शन से साबित किया कि भारतीय खिलाड़ी अब जूडो जैसे तकनीकी और चुनौतीपूर्ण खेलों में भी विश्वस्तरीय स्तर पर पदक जीतने की क्षमता रखते हैं।
Author: saryusandhyanews
SENIOR JOURNALIST



