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डिलिमिटेशन बिल पर DMK के रुख में बदलाव, NDA को मिल सकता है बड़ा राजनीतिक फायदा

नई दिल्ली। संसद के आगामी मानसून सत्र से पहले प्रस्तावित डिलिमिटेशन बिल को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इसी बीच तमिलनाडु की सत्तारूढ़ पार्टी DMK के रुख में नरमी के संकेतों ने राष्ट्रीय राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। रिपोर्टों के अनुसार, DMK ने बिल का सीधे तौर पर विरोध करने के बजाय इसके प्रावधानों का अध्ययन करने और तमिलनाडु के हितों को ध्यान में रखते हुए अपना अंतिम फैसला लेने की बात कही है।

क्या NDA के साथ आ सकती है DMK?

राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि यदि DMK प्रस्तावित डिलिमिटेशन बिल का समर्थन करती है, तो इससे केंद्र की NDA सरकार को संसद में महत्वपूर्ण संवैधानिक विधेयक पारित कराने में मदद मिल सकती है। हालांकि, अभी तक DMK के NDA में औपचारिक रूप से शामिल होने की पुष्टि नहीं हुई है। इसे फिलहाल मुद्दे-आधारित समर्थन की संभावित रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।

तमिलनाडु के हितों को लेकर DMK की शर्त

DMK की मुख्य चिंता यह है कि जनसंख्या के आधार पर होने वाली परिसीमन प्रक्रिया से दक्षिणी राज्यों की लोकसभा सीटों में उनका अपेक्षाकृत हिस्सा प्रभावित न हो। पार्टी ने संकेत दिया है कि वह ऐसे किसी भी प्रस्ताव पर विचार नहीं करेगी, जिससे तमिलनाडु के हितों को नुकसान पहुंचे। साथ ही, पार्टी ने सीटों के बंटवारे और परिसीमन की प्रक्रिया को लेकर स्पष्टता की मांग की है।

महिला आरक्षण और डिलिमिटेशन पर भी नजर

प्रस्तावित विधायी पहल का संबंध महिला आरक्षण के प्रभावी क्रियान्वयन और लोकसभा सीटों के पुनर्निर्धारण से भी जोड़ा जा रहा है। सरकार की कोशिश है कि इस मुद्दे पर व्यापक राजनीतिक समर्थन जुटाया जाए। वहीं, विपक्षी दलों के भीतर इस बात को लेकर मतभेद उभरते दिख रहे हैं कि विधेयक का विरोध किया जाए या राज्यों के हितों की सुरक्षा की शर्त के साथ बातचीत का रास्ता अपनाया जाए।

INDIA गठबंधन के लिए बढ़ सकती है चुनौती

यदि DMK केंद्र के प्रस्ताव पर समर्थन देती है, तो यह विपक्षी INDIA गठबंधन के लिए राजनीतिक चुनौती बन सकती है। कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने पहले ही DMK सहित क्षेत्रीय दलों से इस मुद्दे पर अपने पुराने रुख पर कायम रहने की अपील की है। ऐसे में DMK का अंतिम फैसला संसद के आगामी सत्र में विपक्षी एकजुटता और NDA की रणनीति—दोनों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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Author: saryusandhyanews

SENIOR JOURNALIST

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