नई दिल्ली, 20 जुलाई 2026 – संसद के आगामी मानसून सत्र से ठीक पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्षी दलों को संदेश देते हुए कहा कि जहां तर्क होते हैं, तथ्य होते हैं, वहां तूफान की कोई जरूरत नहीं है। पीएम मोदी के इस बयान को सत्र को सुचारू रूप से चलाने की अपील के रूप में देखा जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज एक कार्यक्रम के दौरान संसद सत्र को लेकर महत्वपूर्ण टिप्पणी की। उन्होंने कहा, “जहां तर्क होते हैं… तथ्य होते हैं, वहां तूफान की जरूरत नहीं।” पीएम ने जोर देकर कहा कि यह मानसून सत्र देश के लिए ऐतिहासिक होने वाला है। सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयकों को संसद में पेश करने जा रही है, जो देश के विकास और सुधारों को नई गति देंगे।
पीएम मोदी का संदेश
पीएम मोदी ने कहा कि देश तेजी से प्रगति कर रहा है और “रिफॉर्म एक्सप्रेस” पर सवार है। उन्होंने विपक्ष से अपील की कि बहस तथ्यों और तर्कों पर आधारित होनी चाहिए, न कि हंगामे और तूफान पर। उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी सांसद रचनात्मक चर्चा में भाग लेंगे, जिससे देश का कल्याण हो सके।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्ष कई मुद्दों (जैसे महंगाई, बेरोजगारी और अन्य मुद्दों) पर सरकार को घेरने की तैयारी कर रहा है। पिछले सत्रों में हंगामे और वॉकआउट की घटनाएं आम रही हैं, जिसके चलते कई अहम विधेयक लंबित रह गए थे।
मानसून सत्र की अहमियत
मानसून सत्र 21 जुलाई से शुरू होने वाला है। इस सत्र में सरकार वित्तीय मुद्दों, सुधार संबंधी बिलों और अन्य महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा कराने की योजना बना रही है। सरकार का दावा है कि यह सत्र उत्पादकता और रचनात्मकता से भरा रहेगा।
Author: saryusandhyanews
SENIOR JOURNALIST



