लखनऊ, 20 जुलाई 2026 – उत्तर प्रदेश के इटावा से जुड़े मौलाना जरगीस अंसारी के एक पुराने वीडियो के वायरल होने के बाद देशभर में तीखा विवाद खड़ा हो गया है। मौलाना ने भगवान श्री कृष्ण को मुस्लिम बताते हुए दावा किया कि वे पांच वक्त की नमाज पढ़ा करते थे और ‘दीन’ (इस्लाम) का प्रचार करते थे। इस बयान पर भाजपा और हिंदू संगठनों ने कड़ी निंदा की है तथा मौलाना के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
वायरल वीडियो में मौलाना जरगीस अंसारी झारखंड में एक धार्मिक सभा के दौरान कहते नजर आ रहे हैं कि भगवान श्री कृष्ण मुस्लिम थे और वे दिन में पांच बार नमाज अदा किया करते थे। उन्होंने श्रीमद् भागवत गीता के एक श्लोक का हवाला देते हुए अपने दावे को सही ठहराने की कोशिश की, जिस पर हिंदू संगठनों ने गीता का गलत अर्थ बताने का आरोप लगाया है।
भाजपा का तीखा विरोध
भाजपा ने इस बयान को हिंदू भावनाओं का अपमान बताया है। भाजपा नेता मोहसिन रजा ने कहा, “ऐसे बयान समाज में नफरत फैलाने वाले हैं। विपक्षी पार्टियां इन्हें मंच देती हैं। प्रशासन को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।”
यूपी भाजपा के अन्य नेताओं ने भी इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह सनातन धर्म की परंपराओं का सीधा अपमान है। भाजपा ने संदेह जताया है कि ऐसे बयानों के पीछे कुछ संगठित ताकतें हो सकती हैं।
हिंदू संगठनों की प्रतिक्रिया
हिंदू महासभा, विश्व हिंदू परिषद और अन्य संत-धर्मगुरुओं ने मौलाना के बयान की कड़ी निंदा की है। कई जगहों पर उनके खिलाफ शिकायतें दर्ज कराई गई हैं। सूत्रों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में अब तक 95 से ज्यादा शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं।
हिंदू संगठनों ने मांग की है कि मौलाना जरगीस अंसारी के खिलाफ तुरंत FIR दर्ज की जाए और उन्हें गिरफ्तार किया जाए। मथुरा-कृष्ण जन्मभूमि जैसे संवेदनशील मुद्दों के बीच यह बयान और ज्यादा विवादास्पद माना जा रहा है।
मौलाना पर पहले भी विवाद
मौलाना जरगीस अंसारी पहले भी कई विवादित बयानों को लेकर चर्चा में रहे हैं। इस बार का बयान जून महीने का बताया जा रहा है, जो हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है।
अभी तक मौलाना जरगीस अंसारी की ओर से इस विवाद पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
Author: saryusandhyanews
SENIOR JOURNALIST




