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ओम प्रकाश राजभर का राजनीतिक सफर: ऑटो चालक से मंत्री तक

लखनऊ, 20 जुलाई 2026 – उत्तर प्रदेश की राजनीति में ओम प्रकाश राजभर एक महत्वपूर्ण चेहरे हैं। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और वर्तमान में योगी आदित्यनाथ सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर का जीवन संघर्ष और राजनीतिक चातुर्य की मिसाल है। राजभर समुदाय के बड़े नेता के रूप में उन्होंने पिछड़े वर्गों की राजनीति को नई दिशा दी है।

प्रारंभिक जीवन और संघर्ष

ओम प्रकाश राजभर का जन्म 15 सितंबर 1962 को वाराणसी जिले में हुआ। गरीबी और संघर्ष भरे माहौल में पले-बढ़े राजभर ने युवावस्था में ऑटो-रिक्शा चलाकर परिवार का गुजारा किया। वे खुद कहते हैं – “ऑटो चलाते-चलाते सरकार चलाने लग गए।”

शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने सामाजिक कार्यों में रुचि ली और पिछड़े वर्गों, खासकर राजभर समुदाय के उत्थान के लिए काम शुरू किया।

राजनीति में प्रवेश

  • शुरू में वे बहुजन समाज पार्टी (BSP) से जुड़े।
  • 2002 में उन्होंने BSP से अलग होकर सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) की स्थापना की। पार्टी का नाम मध्यकालीन राजा सुहेलदेव से प्रेरित है, जो राजभर समुदाय के प्रतीक हैं।

SBSP का मुख्य फोकस राजभर, पिछड़े और अतिपिछड़े वर्गों के हितों की रक्षा करना है। पार्टी का मुख्यालय बलिया जिले के रसड़ा में है।

प्रमुख राजनीतिक उपलब्धियां

  • 2017 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव: SBSP ने भाजपा के साथ गठबंधन किया। पार्टी ने 8 सीटों पर चुनाव लड़ा और 4 सीटें जीतीं। ओम प्रकाश राजभर जहूराबाद सीट से पहली बार विधायक चुने गए। उन्हें योगी आदित्यनाथ सरकार में मंत्री बनाया गया।
  • 2019: लोकसभा चुनाव के बाद उन्होंने योगी कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया और विपक्षी दलों के साथ संपर्क बढ़ाया।
  • 2021-2022: उन्होंने समाजवादी पार्टी (SP) के साथ गठबंधन किया, लेकिन 2022 के चुनाव से पहले फिर भाजपा गठबंधन में लौट आए।
  • 2022 विधानसभा चुनाव: SBSP ने NDA के साथ मिलकर चुनाव लड़ा। ओम प्रकाश राजभर फिर जहूराबाद से विधायक बने और मंत्री पद संभाला।

राजनीतिक रणनीति और विवाद

ओम प्रकाश राजभर अपनी मुखर शैली के लिए जाने जाते हैं। वे अक्सर अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी पर तीखे हमले करते हैं। हाल ही में उन्होंने अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनने का “सपना” छोड़ने की सलाह दी थी।

वे BSP सुप्रीमो मायावती के प्रति नरम रुख रखते हैं, लेकिन SP पर आक्रामक रहते हैं। गठबंधन राजनीति में माहिर राजभर कई बार अपना साथ बदल चुके हैं, जिसे वे “समुदाय के हित” से जोड़कर देखते हैं।

वर्तमान स्थिति

वर्तमान में ओम प्रकाश राजभर उत्तर प्रदेश सरकार में पंचायती राज मंत्री हैं। SBSP उत्तर प्रदेश की क्षेत्रीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण ताकत बनी हुई है, खासकर पूर्वांचल में। राजभर समुदाय की अच्छी-खासी आबादी होने के कारण उनकी पार्टी चुनावी समीकरणों को प्रभावित करती है।

ओम प्रकाश राजभर का सफर गरीबी से उठकर सत्ता तक पहुंचने की प्रेरणादायक कहानी है। उन्होंने राजभर समुदाय को राजनीतिक रूप से संगठित किया और पिछड़े वर्गों की आवाज बने। हालांकि आलोचक उन्हें “गठबंधन विशेषज्ञ” कहते हैं, लेकिन उनके समर्थक उन्हें समुदाय का सच्चा नेता मानते हैं।

उत्तर प्रदेश की आगामी राजनीति में ओम प्रकाश राजभर की भूमिका महत्वपूर्ण रहने वाली है। उनकी रणनीति और फैसले न सिर्फ SBSP बल्कि पूरे NDA को प्रभावित करते हैं।

“बहुजन हिताय, बहुजन सुखाय” की राह पर चलते हुए ओम प्रकाश राजभर ने साबित किया कि साधारण पृष्ठभूमि वाला व्यक्ति भी बड़े राजनीतिक मुकाम हासिल कर सकता है।

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Author: saryusandhyanews

SENIOR JOURNALIST

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