अहमदाबाद, 12 जनवरी 2026: जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज आज भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अहमदाबाद पहुंचे, जहां दोनों नेताओं ने साबरमती रिवरफ्रंट पर आयोजित पतंग महोत्सव में भाग लिया। यह दौरा दोनों देशों के बीच आर्थिक, रक्षा और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मर्ज, जो जर्मनी के क्रिश्चियन डेमोक्रेटिक यूनियन (सीडीयू) के नेता हैं और 2025 के चुनावों के बाद चांसलर बने, ने इस यात्रा को ‘ऐतिहासिक’ बताया।
पीएम मोदी ने चांसलर मर्ज का स्वागत करते हुए कहा, “जर्मनी और भारत के बीच दोस्ती न केवल व्यापार पर आधारित है, बल्कि साझा मूल्यों और सांस्कृतिक आदान-प्रदान पर भी। आज का यह पतंग महोत्सव हमारी विविधता और एकता का प्रतीक है।” यह मुलाकात वाइब्रेंट गुजरात समिट के साथ जुड़ी हुई है, जहां जर्मनी गुजरात में निवेश के नए अवसर तलाश रहा है।
मुलाकात का विवरण
चांसलर मर्ज का विमान आज सुबह अहमदाबाद एयरपोर्ट पर उतरा, जहां पीएम मोदी ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। दोनों नेताओं ने सबसे पहले साबरमती आश्रम का दौरा किया, जहां उन्होंने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। उसके बाद, वे साबरमती रिवरफ्रंट पहुंचे, जहां उत्तरायण के अवसर पर पतंग महोत्सव का आयोजन किया गया था। मर्ज ने खुद पतंग उड़ाई और भारतीय संस्कृति की सराहना की। उन्होंने कहा, “यह अनुभव अद्भुत है। पतंग उड़ाना स्वतंत्रता और आनंद का प्रतीक है, जो हमारे द्विपक्षीय संबंधों को दर्शाता है।”
इस दौरान, दोनों नेताओं ने अनौपचारिक बातचीत की, जिसमें जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा और डिजिटल अर्थव्यवस्था जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। जर्मनी, जो यूरोप का आर्थिक पावरहाउस है, भारत के साथ ‘इंडो-जर्मन स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ को और मजबूत करना चाहता है। मर्ज ने घोषणा की कि जर्मनी गुजरात में इलेक्ट्रिक वाहन और ग्रीन हाइड्रोजन प्रोजेक्ट्स में 10 बिलियन यूरो का निवेश करेगा।
चर्चा के प्रमुख मुद्दे
बैठक में दोनों देशों ने कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए। इनमें शामिल हैं:
- आर्थिक सहयोग: जर्मनी की कंपनियां जैसे सीमेंस और वोक्सवैगन भारत में मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स स्थापित करेंगी, जिससे 50,000 से अधिक रोजगार पैदा होंगे।
- रक्षा और सुरक्षा: दोनों देश साइबर सिक्योरिटी और आतंकवाद विरोधी सहयोग बढ़ाएंगे। जर्मनी भारत को उन्नत रक्षा तकनीक प्रदान करेगा।
- जलवायु और ऊर्जा: नेट जीरो लक्ष्यों के लिए साझा प्रोजेक्ट्स, जिसमें सौर ऊर्जा और हाइड्रोजन फ्यूल पर फोकस होगा।
- शिक्षा और कौशल विकास: जर्मन विश्वविद्यालयों के साथ भारतीय संस्थानों का टाई-अप, जिसमें 10,000 छात्रों के लिए स्कॉलरशिप प्रोग्राम शामिल है।
पीएम मोदी ने यूक्रेन-रूस संघर्ष और मध्य पूर्व की स्थिति पर भी चर्चा की, जहां दोनों नेताओं ने शांति की अपील की। मर्ज ने भारत की ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की नीति की सराहना की और कहा कि भारत वैश्विक चुनौतियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
सांस्कृतिक आदान-प्रदान
पतंग महोत्सव में भाग लेना इस दौरे का हाइलाइट था। हजारों लोगों की भीड़ में दोनों नेता पतंग उड़ाते नजर आए, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं। मर्ज ने गुजराती व्यंजनों का स्वाद चखा और लोक नृत्य में भी हिस्सा लिया। यह घटना दोनों देशों के लोगों के बीच सांस्कृतिक पुल बनाने का प्रयास है। जर्मनी में भारतीय प्रवासियों की संख्या बढ़ रही है, और यह दौरा उन्हें प्रोत्साहित करेगा।
Author: saryusandhyanews
SENIOR JOURNALIST




