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श्रीलीला ने 24 साल की उम्र में तीन बच्चों को गोद लिया: मातृत्व की भावुक कहानी और संघर्ष

हैदराबाद, 7 जनवरी 2026: तेलुगु और कन्नड़ सिनेमा की उभरती हुई सितारा श्रीलीला, जो महज 24 साल की उम्र में अपनी शानदार एक्टिंग और डांसिंग के लिए जानी जाती हैं, ने हाल ही में अपनी निजी जिंदगी के एक बड़े राज से पर्दा उठाया है। उन्होंने तीन बच्चों को गोद लिया है और इस बारे में पहली बार खुलकर बात की है। यह कहानी न केवल उनकी मानवीय संवेदनशीलता को दर्शाती है, बल्कि युवा उम्र में मातृत्व की जिम्मेदारी उठाने की हिम्मत भी दिखाती है। आइए जानते हैं इस पूरी कहानी को विस्तार से।

गोद लेने की शुरुआत: 2019 से जुड़ी एक भावुक घटना

श्रीलीला की गोद लेने की कहानी 2019 से शुरू होती है, जब उन्होंने अपनी पहली कन्नड़ फिल्म ‘किस’ में काम किया। फिल्म के निर्देशक ने उन्हें एक आश्रम में ले जाकर वहां के बच्चों से मिलवाया। यहीं से उनके मन में बच्चों के प्रति एक गहरा लगाव पैदा हुआ। फरवरी 2022 में, जब वे सिर्फ 21 साल की थीं, उन्होंने दो विकलांग बच्चों – गुरु और शोभिता – को गोद लिया। गुरु एक 10 महीने का लड़का था, जबकि शोभिता एक छोटी लड़की। ये बच्चे अभी भी उसी आश्रम में रहते हैं, जहां से श्रीलीला ने उन्हें गोद लिया।

तीसरे बच्चे का आगमन: अप्रैल 2025 में खुशखबरी

अप्रैल 2025 में, अपनी 24वीं जन्मदिन (जून में) से ठीक पहले, श्रीलीला ने एक और बच्ची को गोद लिया। उन्होंने सोशल मीडिया पर इसकी तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा, “घर में नया सदस्य। दिलों पर कब्जा। और ज्यादा प्यार और दुलार के लिए।” इस तरह, 23-24 साल की उम्र में वे तीन बच्चों की मां बन गईं। हालांकि, बच्चे उनके साथ नहीं रहते, लेकिन वे अच्छी तरह से देखभाल किए जा रहे हैं। श्रीलीला फोन पर उनसे बात करती हैं और समय-समय पर मिलने जाती हैं।

इंटरव्यू में खुलासा: ‘यह लंबे समय तक राज रहा’

जनवरी 2025 में गलत्ता प्लस को दिए एक इंटरव्यू में श्रीलीला ने पहली बार इस बारे में खुलकर बात की। उन्होंने कहा, “यह लंबे समय तक राज रहा। संस्था चाहती थी कि मैं इस बारे में बात करूं ताकि ज्यादा लोग प्रेरित हों। मैं किसी क्रेडिट की चाहत नहीं रखती, लेकिन चाहती हूं कि लोग इस दिशा में सोचें।” वे भावुक होकर बोलीं, “जब मैं इस बारे में बात करती हूं तो शब्द कम पड़ जाते हैं और मैं घबरा जाती हूं। लेकिन सब कुछ संभाला हुआ है।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे ‘मां जैसी मां’ नहीं हैं, क्योंकि इसके पीछे एक अलग कहानी है। श्रीलीला में मातृत्व की भावना इतनी गहरी है कि वे आसपास के लोगों को भी मां की तरह प्यार करती हैं, जो शायद आज की पीढ़ी के लिए ‘आदर्श गर्लफ्रेंड’ बनने में बाधा बन सकती है।

करियर और मातृत्व का संतुलन: एक चुनौतीपूर्ण सफर

श्रीलीला का करियर रफ्तार पकड़ रहा है। 2024 में ‘गुंटूर कारम’ और ‘पुष्पा 2: द रूल’ के गाने ‘किसिक’ से वे वायरल हुईं। 2025 में ‘रॉबिनहुड’, ‘जूनियर’ और ‘मास जातरा’ रिलीज हुईं। आने वाले प्रोजेक्ट्स में तमिल डेब्यू ‘परासक्ति’ (शिवकार्तिकेयन के साथ), हिंदी डेब्यू (कार्तिक आर्यन के साथ, अनुराग बसु निर्देशित) और ‘उस्ताद भगत सिंह’ (पवन कल्याण के साथ) शामिल हैं।

मातृत्व को वे निजी रखती हैं, क्योंकि “पब्लिक फिगर्स का कोई अच्छा काम बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया जाता है।” वे एमबीबीएस डॉक्टर भी हैं और प्रशिक्षित भरतनाट्यम डांसर। इतनी कम उम्र में स्टारडम, पढ़ाई और मातृत्व को संभालना उनकी मजबूत इच्छाशक्ति को दर्शाता है।

यह कहानी न केवल प्रेरणादायक है, बल्कि समाज को गोद लेने की प्रक्रिया की ओर ध्यान आकर्षित करती है। श्रीलीला जैसी युवा हस्तियां अगर ऐसे कदम उठाती हैं, तो निश्चित रूप से कई और लोग प्रभावित होंगे।

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Author: saryusandhyanews

SENIOR JOURNALIST

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