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जी20 शिखर सम्मेलन 2025: पीएम मोदी की सक्रिय भागीदारी, छह प्रमुख पहलें और वैश्विक एकजुटता का संदेश

जोहान्सबर्ग, 23 नवंबर 2025 (स्पेशल रिपोर्ट) दक्षिण अफ्रीका की मेजबानी में आयोजित जी20 शिखर सम्मेलन 2025 का समापन आज जोहान्सबर्ग में हुआ, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की मजबूत उपस्थिति दर्ज की। ‘सॉलिडैरिटी, इक्वालिटी, सस्टेनेबिलिटी’ (एकजुटता, समानता, स्थिरता) थीम पर केंद्रित इस सम्मेलन में पीएम मोदी ने वैश्विक चुनौतियों पर छह महत्वपूर्ण पहलें प्रस्तुत कीं, जो विकासशील देशों की आवाज को मजबूत करने वाली साबित हुईं। अमेरिकी बहिष्कार के बावजूद 122 बिंदुओं वाली नेताओं की घोषणा अपनाई गई, जिसमें जलवायु परिवर्तन, ऋण राहत, खाद्य सुरक्षा और बहुपक्षीय सुधार पर जोर दिया गया।

सम्मेलन का एजेंडा वैश्विक दक्षिण की प्राथमिकताओं पर आधारित था, जिसमें आपदा प्रतिरोधक क्षमता, निम्न आय वाले देशों के लिए ऋण स्थिरता, नवीकरणीय ऊर्जा वित्तपोषण, महत्वपूर्ण खनिजों का सतत विकास, समावेशी आर्थिक विकास, खाद्य सुरक्षा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के माध्यम से नवाचार शामिल थे। घोषणा में खाद्य सुरक्षा के लिए छोटे किसानों का समर्थन, ‘उबुन्तू अप्रोच’ से पोषण और मूल्य स्थिरता, ऋण पुनर्गठन, जलवायु वित्तपोषण, आईएमएफ और विकास बैंकों में वैश्विक दक्षिण की आवाज, अफ्रीका में खनिज मूल्य श्रृंखलाओं का प्रचार, यूक्रेन, सूडान, डीआरसी और फिलिस्तीन जैसे संघर्ष क्षेत्रों में शांति तथा डिजिटल परिवर्तन पर फोकस किया गया।

पीएम मोदी ने सम्मेलन में ‘इंटीग्रल ह्यूमनिज्म’ (समग्र मानवतावाद) की अवधारणा को बढ़ावा देते हुए छह प्रमुख वैश्विक पहलें सुझाईं, जो भारत की 2023 दिल्ली घोषणा को आगे बढ़ाती हैं। इनमें शामिल हैं:

  1. ड्रग-टेरर नेक्सस के खिलाफ पहल: नशीले पदार्थों और आतंकवाद के गठजोड़ को तोड़ने के लिए वैश्विक सहयोग।
  2. स्वास्थ्य प्रतिक्रिया मजबूत करने की पहल: महामारी जैसी चुनौतियों के लिए स्वास्थ्य प्रणाली को सशक्त बनाना।
  3. वैश्विक पारंपरिक ज्ञान भंडार: भारतीय ज्ञान प्रणालियों पर आधारित जी20 के तहत एक वैश्विक रीपॉजिटरी की स्थापना।
  4. जी20 ओपन सैटेलाइट डेटा पार्टनरशिप: जी20 अंतरिक्ष एजेंसियों द्वारा सैटेलाइट डेटा साझा करने का कार्यक्रम।
  5. जी20 क्रिटिकल मिनरल्स सर्कुलैरिटी इनिशिएटिव: महत्वपूर्ण खनिजों के सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा।
  6. कौशल विकास और एआई पर फोकस: समावेशी विकास के लिए कौशल और नवाचार पर आधारित एक और पहल।

ये प्रस्ताव विकासशील देशों के लिए मील का पत्थर साबित हो सकते हैं, खासकर अफ्रीका को जी20 में मजबूत करने के संदर्भ में। पीएम मोदी ने दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा के साथ द्विपक्षीय बैठक में भारत-दक्षिण अफ्रीका सहयोग को गहरा करने पर चर्चा की, जिसमें व्यापार, सुरक्षा और तकनीक शामिल थे। इसके अलावा, भारत-ब्राजील-दक्षिण अफ्रीका (आईबीएसए) नेताओं की बैठक में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) सुधार पर जोर दिया गया, जहां मोदी ने कहा कि यह अब विकल्प नहीं, बल्कि आवश्यकता है। उन्होंने कनाडा के मार्क कार्नी के साथ भी बातचीत की, जहां सतत विकास पर सहमति बनी।

सम्मेलन के परिणामों को पीएम मोदी ने ‘फलदायी’ बताते हुए कहा कि ये चर्चाएं वैश्विक चुनौतियों का समाधान करने वाली हैं। भारत ने दक्षिण अफ्रीका की मेजबानी की सराहना की और दिल्ली जी20 के प्रमुख परिणामों को आगे बढ़ाने का संकल्प जताया। विशेषज्ञों का मानना है कि यह घोषणा बहुपक्षीयता को मजबूत करेगी और अफ्रीकी महाद्वीप को वैश्विक आर्थिक प्राथमिकताओं में प्रभावशाली बनाएगी।

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Author: saryusandhyanews

SENIOR JOURNALIST

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