अयोध्या, 23 नवंबर 2025 (स्पेशल रिपोर्ट)
राम जन्मभूमि मंदिर परिसर में ध्वज स्थापना (धर्म ध्वजारोहण) की तैयारियां चरम पर पहुंच चुकी हैं। 25 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 191 फुट ऊंची शिखर पर भगवा ध्वज फहराए जाने वाले इस ऐतिहासिक समारोह को लेकर अयोध्या में उत्साह की लहर दौड़ गई है। यह समारोह न केवल मंदिर निर्माण के पूर्ण होने का प्रतीक होगा, बल्कि भगवान राम के विवाह का पारंपरिक पावन दिवस भी माना जाता है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने पांच दिवसीय वैदिक अनुष्ठानों की घोषणा की है, जिसमें हजारों भक्तों की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है।
मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया, “25 नवंबर को दोपहर 12:20 बजे से शुभ मुहूर्त में ध्वज स्थापना का कार्य शुरू होगा। यह मंदिर के मुख्य निर्माण का समापन चिह्नित करेगा, जो अगस्त 2020 में शुरू हुआ था।” तैयारियों में प्रशासन और ट्रस्ट की टीमें रात-दिन जुटी हैं। मंदिर परिसर को फूलों, दीपों और रंगोली से सजाया जा रहा है, जबकि सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर पर मजबूत किया गया है। उत्तर प्रदेश पुलिस ने 5,000 से अधिक सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की है, जिसमें ड्रोन निगरानी, सीसीटीवी कैमरे और क्यूआर कोड आधारित दर्शन प्रणाली शामिल है।
जिलाधिकारी सुशील कुमार सिंह ने कहा, “दर्शन की सुगमता सुनिश्चित करने के लिए ऑनलाइन बुकिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है। 25 नवंबर को मंदिर में किसी भी भक्त को प्रवेश की अनुमति नहीं होगी, ताकि समारोह शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके।” इसके अलावा, अयोध्या शहर को साफ-सफाई अभियान के तहत नया रूप दिया जा रहा है। सड़कों पर भव्य तोरण द्वार लगाए गए हैं, और राम पथ पर लाइटिंग व्यवस्था पूरी हो चुकी है। पर्यटन विभाग ने विशेष पैकेज लॉन्च किए हैं, जिससे देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु पहुंचने की उम्मीद है।
यह समारोह राम मंदिर आंदोलन की एक और कड़ी है, जो 1992 के कारसेवकों की कुर्बानी को साकार रूप दे रहा है। विहिप के केंद्रीय मार्गदर्शक समिति सदस्य सुरेंद्र जैन ने कहा, “भगवान राम के आदर्शों पर आधारित नया अयोध्या का निर्माण हो रहा है। यह ध्वज स्थापना धार्मिक और सांस्कृतिक पुनरुत्थान का प्रतीक बनेगी।” सोशल मीडिया पर #AyodhyaDhwajSthapana, #RamMandirFlagHoisting और #PMModiInAyodhya जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं, जहां भक्त वीडियो और फोटो शेयर कर उत्साह जता रहे हैं।
25 नवंबर के बाद मंदिर दर्शन सामान्य रूप से शुरू हो जाएगा, लेकिन इस समारोह से अयोध्या विश्व पटल पर और मजबूती से उभरेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी से अपील की है कि राम के आदर्शों का पालन करते हुए इस पावन अवसर का लाभ उठाएं। अयोध्या नगरी राम भक्ति में डूबी हुई है, और पूरा देश इस क्षण का बेसब्री से इंतजार कर रहा है।
Author: saryusandhyanews
SENIOR JOURNALIST




