बेंगलुरु, 17 अगस्त 2026: चर्चित रेणुकास्वामी हत्याकांड में सोमवार को महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया। बेंगलुरु की अदालत ने कन्नड़ अभिनेता दर्शन थूगुदीपा और तीन अन्य आरोपियों की हर सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होने की मांग को खारिज कर दिया है। अदालत ने आरोपियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यवाही में शामिल होने की अनुमति दी है।
व्यक्तिगत पेशी की मांग पर अदालत का फैसला
रिपोर्ट के अनुसार, दर्शन और तीन अन्य आरोपियों ने अदालत से सभी सुनवाई में व्यक्तिगत उपस्थिति की अनुमति मांगी थी। अदालत ने इस मांग को स्वीकार नहीं किया और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेशी जारी रखने का निर्देश दिया। इस फैसले के पीछे न्यायिक कार्यवाही को सुचारु रखने के साथ सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को भी ध्यान में रखा गया है।
तीन आरोपियों ने सरकारी गवाह बनने की इच्छा जताई
मामले में इससे पहले एक और महत्वपूर्ण मोड़ आया था। आरोपी नंबर 14 प्रदोष एस. राव ने सरकारी गवाह यानी approver बनने की इच्छा जताते हुए अदालत में आवेदन किया था। इसके बाद रवि शंकर और विनय राघवेंद्र ने भी अभियोजन पक्ष का गवाह बनने की इच्छा जताई। अदालत ने 10 अगस्त को कहा था कि इस चरण पर सह-आरोपियों की ओर से प्रदोष की approver याचिका का विरोध करना समय से पहले होगा।
प्रदोष के आवेदन पर उनका बयान दर्ज किया जाना था, लेकिन अदालत ने इसे 18 अगस्त तक टाल दिया। अब मंगलवार को होने वाली कार्यवाही पर विशेष नजर रहेगी।
प्रदोष के आवेदन में गंभीर आरोप
प्रदोष के आवेदन में कथित घटनाक्रम को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। रिपोर्टों के मुताबिक उन्होंने आरोप लगाया है कि रेणुकास्वामी को एक शेड में ले जाने के बाद उसके साथ मारपीट की गई थी। हालांकि, ये आरोप न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा हैं और मामले में आरोपियों की दोषसिद्धि अभी नहीं हुई है। दर्शन और अन्य आरोपियों ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया है।
सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल तेज करने को कहा था
रेणुकास्वामी हत्याकांड की सुनवाई में तेजी लाने का निर्देश सुप्रीम कोर्ट पहले ही दे चुका है। मई 2026 में शीर्ष अदालत ने मुकदमे की प्रगति को धीमा बताते हुए बेंगलुरु की अदालत को सुनवाई तेज करने का निर्देश दिया था। उस समय अदालत ने बताया था कि अभियोजन पक्ष ने महत्वपूर्ण 60 गवाहों की जांच को प्राथमिकता देने की योजना बनाई है।
इसके बाद जून में बेंगलुरु की अदालत ने सप्ताह में कम से कम चार दिन मामले की सुनवाई करने पर सहमति जताई थी, ताकि मुकदमे को जल्द आगे बढ़ाया जा सके।
अब 18 अगस्त की सुनवाई पर निगाह
रेणुकास्वामी हत्याकांड में मंगलवार, 18 अगस्त 2026, की कार्यवाही महत्वपूर्ण मानी जा रही है। प्रदोष एस. राव का बयान दर्ज होने की संभावना है। यदि अदालत उन्हें सरकारी गवाह बनने की अनुमति देती है, तो अभियोजन पक्ष के मामले पर इसका महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकता है।
SSN निष्कर्ष: रेणुकास्वामी हत्याकांड में इस समय दो घटनाक्रम खास तौर पर महत्वपूर्ण हैं—दर्शन समेत आरोपियों की व्यक्तिगत पेशी की मांग का खारिज होना और प्रदोष राव का approver बनने का प्रयास। मामले में अंतिम दोष या निर्दोषता का फैसला अदालत द्वारा साक्ष्यों और गवाहों की सुनवाई के बाद ही होगा।
Author: saryusandhyanews
SENIOR JOURNALIST



