नई दिल्ली, 17 अगस्त 2026: बिहार के लखीसराय स्थित अशोक धाम मंदिर के पास सोमवार सुबह हुई भगदड़ की दर्दनाक घटना पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गहरा दुख व्यक्त किया है। हादसे में कई श्रद्धालुओं की मौत हुई और कई लोग घायल हुए हैं।
अमित शाह ने घटना को बेहद दुखद बताते हुए मृतकों के परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की और कहा कि स्थानीय प्रशासन घायलों को हरसंभव उपचार उपलब्ध करा रहा है।
अशोक धाम में उमड़ी थी भारी भीड़
हादसा सावन के तीसरे सोमवार के अवसर पर हुआ, जब बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव के जलाभिषेक और दर्शन के लिए अशोक धाम पहुंचे थे। अधिकारियों के अनुसार, सुबह करीब 6:30 बजे अशोक धाम हॉल्ट रेलवे स्टेशन के पास भारी भीड़ के बीच भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हुई।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, भीड़ के दबाव और बिजली के खंभे/तार से जुड़ी अफवाह के बाद अचानक अफरा-तफरी मची। बैरिकेडिंग टूटने से स्थिति और गंभीर हो गई। हालांकि, घटना के वास्तविक कारणों की जांच जारी है।
सात महिला श्रद्धालुओं की मौत
जिला प्रशासन से मिली शुरुआती जानकारी के अनुसार हादसे में सात महिला श्रद्धालुओं की मौत हुई है, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में पहुंचाया गया और प्रशासन की ओर से राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया।
बिहार सरकार ने मृतकों के आश्रितों के लिए चार-चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि की घोषणा की है। प्रशासन ने घटना की जांच के भी निर्देश दिए हैं।
अमित शाह की संवेदना
गृह मंत्री अमित शाह की संवेदना के बाद राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी हादसे को लेकर शोक व्यक्त किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी लखीसराय हादसे में जान गंवाने वाले श्रद्धालुओं के प्रति दुख जताया है।
SSN निष्कर्ष: अशोक धाम की यह घटना बड़े धार्मिक आयोजनों में भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। प्रशासन की जांच के बाद हादसे के वास्तविक कारण और जिम्मेदारी की तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।
Author: saryusandhyanews
SENIOR JOURNALIST




