हरिद्वार: योग गुरु बाबा रामदेव ने बुधवार को गुरु पूर्णिमा के अवसर पर पतंजलि योगपीठ में छात्रों के जंतर-मंतर आंदोलन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने जेनेरेशन जेड के प्रदर्शन को लेकर कहा कि युवाओं ने सड़क पर जमा होकर देश को बदनाम किया है।
बाबा रामदेव ने क्या कहा?
बाबा रामदेव ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “देश सड़कों से नहीं चलेगा, देश संसद से ही चलेगा। शिक्षा मंत्री कौन होगा, यह सड़कों पर तय नहीं होगा। यह फैसला देश का प्रधानमंत्री और संसद करेगी।”
उन्होंने जेनेरेशन जेड के जंतर-मंतर प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा, “पिछले दिनों जंतर-मंतर पर जेनेरेशन जेड इकट्ठा होकर भारत को बदनाम कर गया। गाली-गलौज हमारी संस्कृति और प्रकृति नहीं है। हमने हमेशा बड़ों का आदर किया है। माता-पिता, गुरु और बड़ों के बताए रास्ते पर ही हम आगे बढ़े हैं।”
बाबा रामदेव ने युवाओं से अपील की कि अगर विरोध करना भी है तो विवेकपूर्वक करें। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक, संवैधानिक, मानवीय, नैतिक और आध्यात्मिक मूल्यों को न मरने दें और बच्चों को भी गाली-गलौज न करने की शिक्षा दें।
ब्राह्मणवाद और आरएसएस पर नारे लगाने का विरोध
प्रदर्शन के दौरान ‘ब्राह्मणवाद से आजादी’ और आरएसएस के खिलाफ लगाए गए नारों पर भी बाबा रामदेव ने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, “अगर प्रह्लाद जोशी ब्राह्मण समुदाय में पैदा हुए और आरएसएस से राष्ट्रवाद सीखा, तो इससे किसी को परेशानी नहीं होनी चाहिए। संविधान ब्राह्मणों को भी अधिकार देता है, दलितों और शोषितों को भी। ब्राह्मणवाद या शूद्रों का अपमान असंवैधानिक है।”
दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट-यूजी 2026 पेपर लीक घोटाले के खिलाफ छात्रों का लंबा आंदोलन चला था। कॉकरोच जनता पार्टी के बैनर तले जेनेरेशन जेड युवा सड़कों पर उतरे थे। प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई और हिंसा के आरोप भी लगे थे। बाद में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया था और नए एंटी-पेपर लीक बिल पर चर्चा हुई।
बाबा रामदेव के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। कुछ लोग उनके पक्ष में हैं, जबकि कई युवाओं ने इसे युवाओं की आवाज दबाने वाला बताया है।
Author: saryusandhyanews
SENIOR JOURNALIST



