पटना: नीट-यूजी 2026 पेपर लीक और परीक्षाओं में धांधली के मामलों की तेजी से सुनवाई सुनिश्चित करने के लिए पटना हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला लिया है। हाईकोर्ट ने राज्य में तीन विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट (FTC) स्थापित करने का निर्णय किया है। ये अदालतें पटना, लखीसराय और पूर्णिया में बनाई जाएंगी।
फास्ट ट्रैक कोर्ट का उद्देश्य
ये विशेष अदालतें ‘पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मींस) एक्ट, 2024’ के तहत दर्ज मामलों की सुनवाई करेंगी। इनमें नीट सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक, नकल और अनुचित साधनों के इस्तेमाल से जुड़े मामले शामिल होंगे। हाईकोर्ट का निर्देश है कि चार्जशीट दाखिल होने के बाद इन मामलों का ट्रायल 90 दिनों (तीन महीने) के अंदर पूरा कर फैसला सुनाया जाए। रोजाना सुनवाई कर त्वरित न्याय सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है।
किन न्यायाधीशों को दी गई जिम्मेदारी
पटना हाईकोर्ट ने इन तीनों विशेष अदालतों के लिए पीठासीन अधिकारियों के नाम भी तय कर दिए हैं:
- पटना: गौरव सिंह
- लखीसराय: सीमा भारती
- पूर्णिया: ठाकुर अमन कुमार
बिहार सरकार से अनुरोध किया गया है कि इन अदालतों के गठन और अधिकारियों की नियुक्ति के लिए जल्द अधिसूचना जारी करे।
नीट घोटाले से जुड़ा संदर्भ
याद रहे कि नीट-यूजी 2026 परीक्षा में पेपर लीक के आरोपों के बाद परीक्षा रद्द कर दी गई थी। इसके बाद जून में हुई री-परीक्षा के दौरान बिहार के लखीसराय में डमी कैंडिडेट्स (सॉल्वर गैंग) का बड़ा रैकेट पकड़ा गया था। पुलिस ने 30 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया था, जिसमें मेडिकल छात्र और बायोमेट्रिक स्टाफ शामिल थे। आर्थिक अपराध इकाई (EOU) इस मामले की जांच कर रही है। पूरे देश में नीट पेपर लीक मामले में सीबीआई ने भी चार्जशीट दाखिल की है।
Author: saryusandhyanews
SENIOR JOURNALIST



