Saryu Sandhya News

संसद सत्र का दूसरा दिन: विपक्ष के हंगामे के कारण दोनों सदनों की बैठक स्थगित

नई दिल्ली, 22 जुलाई 2026 – संसद के मानसून सत्र के दूसरे दिन (21 जुलाई 2026) मंगलवार को विपक्षी दलों के जोरदार विरोध प्रदर्शन के कारण लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों की बैठक दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई। NEET पेपर लीक मुद्दे, छात्रों की समस्याओं, राम मंदिर दान घोटाले और सीजेपी (Cockroach Janta Party) विरोध प्रदर्शन पर पुलिस कार्रवाई जैसे मुद्दों पर विपक्ष ने सरकार को घेरा।

सत्र की प्रमुख घटनाएं

मानसून सत्र के पहले दिन (20 जुलाई) की तरह दूसरे दिन भी सदनों में शोर-शराबा छाया रहा। विपक्षी सदस्यों ने NEET परीक्षा घोटाले पर चर्चा की मांग की और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। साथ ही, दिल्ली में सीजेपी के आंदोलन पर पुलिस की कार्रवाई और संसद मार्च को लेकर भी हंगामा हुआ।

लोकसभा में:

  • सदन की शुरुआत होते ही विपक्षी सदस्यों ने वेल में आकर नारेबाजी शुरू कर दी।
  • लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने व्यवस्था बनाए रखने की कोशिश की, लेकिन विपक्ष ने स्लोगन लगाते हुए सदन की कार्यवाही नहीं चलने दी।
  • सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 पेश करने की तैयारी थी, जिसमें सुप्रीम कोर्ट की न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव है। लेकिन विपक्ष के विरोध के कारण इसे आगे नहीं बढ़ाया जा सका।

राज्यसभा में:

  • उपराष्ट्रपति और राज्यसभा सभापति जगदीप धनखड़ (या वर्तमान सभापति) ने सदन की कार्यवाही शुरू की, लेकिन विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण सदन को बार-बार स्थगित करना पड़ा।
  • अंत में दोनों सदनों को दिन भर के लिए स्थगित कर दिया गया। अब संसद की अगली बैठक बुधवार 22 जुलाई 2026 को सुबह 11 बजे होगी।

प्रमुख मुद्दे

  1. NEET पेपर लीक: विपक्ष ने छात्रों की समस्याओं और पेपर लीक पर चर्चा की मांग की।
  2. राम मंदिर दान मामले: विपक्ष ने इस मुद्दे पर भी जवाब मांगा।
  3. सीजेपी विरोध प्रदर्शन: दिल्ली में हुए प्रदर्शन पर पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार से जवाब-तलब।
  4. शिवसेना विलय: लोकसभा स्पीकर ने उद्धव ठाकरे गुट के 6 सांसदों के एकनाथ शिंदे गुट में विलय को मंजूरी दी, जिससे शिंदे गुट की ताकत बढ़कर 13 हो गई।

सरकार का रुख

सरकार की ओर से संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सभी दलों के साथ बैठक की और शांतिपूर्ण चर्चा की अपील की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सत्र से पहले सांसदों से आह्वान किया था कि तथ्यों के आधार पर सार्थक बहस हो, न कि हंगामा।

विपक्ष का दावा

कांग्रेस और INDIA गठबंधन के नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा से भाग रही है और छात्रों, युवाओं के भविष्य से जुड़े सवालों को टाल रही है।

आगे की कार्यसूची

मानसून सत्र 13 अगस्त तक चलने वाला है। इस दौरान कई महत्वपूर्ण विधेयक पेश किए जाने हैं, जिसमें महिलाओं के आरक्षण से जुड़े मुद्दे, सीमा सुरक्षा और आर्थिक सुधार शामिल हैं।

saryusandhyanews
Author: saryusandhyanews

SENIOR JOURNALIST

Spread the love

यह भी पढ़ें

टॉप स्टोरीज