नामची (सिक्किम), 22 जुलाई 2026 — सिक्किम के नामची जिले में निर्माणाधीन एनएचपीसी तीस्ता स्टेज-VI जलविद्युत परियोजना की सुरंग में हुए भयानक हादसे में कम से कम 20 मजदूरों की मौत हो चुकी है। कई अन्य अभी भी सुरंग के अंदर फंसे हुए हैं।
हादसा कब और कैसे हुआ?
20 जुलाई को सुरंग के अंदर संदिग्ध मीथेन गैस का रिसाव हुआ, जिसके बाद वेंटिलेशन के दौरान विस्फोट हो गया। इससे सुरंग का एक हिस्सा ढह गया और प्रवेश द्वार बंद हो गया। यह घटना समरडुंग क्षेत्र में हुई, जहां लगभग 1.5 से 3 किलोमीटर अंदर काम चल रहा था।
मरने वालों की संख्या बढ़कर 20 हो गई है। अब तक 12-13 शव बरामद किए जा चुके हैं। शवों की पहचान जारी है। कई शव जलपाईगुड़ी और अलीपुरद्वार (पश्चिम बंगाल) के रहने वाले मजदूरों के हैं।
बचाव कार्य
- NDRF, SDRF और स्थानीय प्रशासन के टीम लगातार बचाव अभियान चला रही हैं।
- भारी बारिश, घने धुएं और जहरीली गैस के कारण कार्य में बाधा आ रही है।
- दो मजदूर खुद बाहर निकलने में सफल रहे।
- कुल 25-27 मजदूर अंदर फंसे थे, जिनमें से कुछ की तलाश जारी है।
सरकारी प्रतिक्रिया
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये की अनुग्रह राशि की घोषणा की।
- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और अन्य नेताओं ने शोक व्यक्त किया और बचाव कार्यों में तेजी लाने का आह्वान किया।
- सिक्किम विधानसभा ने इस घटना पर शोक व्यक्त किया।
कारण और जांच
प्रारंभिक रिपोर्ट्स के अनुसार, मीथेन गैस का संचय मुख्य वजह थी। पूरी घटना की जांच की जा रही है। एनएचपीसी परियोजना पर काम कर रहे ठेकेदारों से जवाबतलब किया जा रहा है।
यह हादसा हिमालयी क्षेत्र में चल रही बुनियादी ढांचागत परियोजनाओं की सुरक्षा पर सवाल खड़ा करता है। सिक्किम की भू-संरचना संवेदनशील होने के कारण ऐसी दुर्घटनाएं अक्सर होती रहती हैं।
Author: saryusandhyanews
SENIOR JOURNALIST




