कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर सियासी भूचाल आ गया है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के बागी नेता और बीरभूम के पूर्व प्रभावशाली नेता अनुब्रत मंडल ने पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि “मुझे जेल अभिषेक बनर्जी ने भिजवाया।” उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी से चार बार अभिषेक बनर्जी को पार्टी नेतृत्व से हटाने की सलाह दी थी।
अनुब्रत मंडल ने कहा कि उन्होंने ममता बनर्जी से कहा था कि “आंखों से नहीं, कानों से सुनिए और पार्टी में सुधार कीजिए। अभिषेक को नेतृत्व से हटाइए।” उनके अनुसार पार्टी की वर्तमान स्थिति और चुनावी नुकसान के लिए नेतृत्व की कार्यशैली जिम्मेदार रही है।
यह बयान ऐसे समय आया है जब पश्चिम बंगाल में टीएमसी के भीतर असंतोष और गुटबाजी की चर्चाएं तेज हैं। हाल के दिनों में कई नेताओं द्वारा पार्टी नेतृत्व पर सवाल उठाए जाने के बाद अनुब्रत मंडल का यह बयान राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अनुब्रत मंडल पहले भी केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई के चलते लंबे समय तक जेल में रह चुके हैं। अब उन्होंने अपनी गिरफ्तारी और जेल जाने के लिए सीधे अभिषेक बनर्जी को जिम्मेदार ठहराया है। हालांकि उन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में कोई सार्वजनिक साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया है। दूसरी ओर, इस बयान पर अभिषेक बनर्जी की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अनुब्रत मंडल के इस बयान से पश्चिम बंगाल की विपक्षी राजनीति के साथ-साथ टीएमसी के भीतर भी नई बहस शुरू हो सकती है। आने वाले दिनों में यदि पार्टी नेतृत्व इस पर प्रतिक्रिया देता है, तो बंगाल की राजनीति में इसका व्यापक असर देखने को मिल सकता है।
Author: saryusandhyanews
SENIOR JOURNALIST




