नई दिल्ली: भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम में कहा कि “अब समय है एसोसिएट (सहयोग) और कोलैबोरेट (साझेदारी) करने का।” डोभाल के इस बयान को वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों के संदर्भ में काफी अहम माना जा रहा है।
बयान का संदर्भ
अजीत डोभाल ने कहा कि आज की जटिल वैश्विक स्थिति में अलग-थलग रहने का समय समाप्त हो चुका है। आतंकवाद, साइबर सुरक्षा, ऊर्जा सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे मुद्दों पर देशों को एक साथ आना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि साझेदारी और सहयोग ही भविष्य की सुरक्षा की कुंजी है।
डोभाल ने कहा, “इस समय में हमें एक-दूसरे के साथ जुड़ना और मिलकर काम करना चाहिए। अकेले लड़ने की रणनीति अब पुरानी हो चुकी है।”
मुख्य मुद्दे
- आतंकवाद पर डबल स्टैंडर्ड खत्म: डोभाल ने पहले भी कई मंचों पर आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होने की अपील की है।
- तकनीकी और रक्षा सहयोग: साइबर थ्रेट्स, AI और आधुनिक युद्ध प्रणालियों में अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर जोर।
- क्षेत्रीय स्थिरता: पड़ोसी देशों और वैश्विक शक्तियों के साथ मजबूत साझेदारी।
विशेषज्ञों की प्रतिक्रिया
डोभाल के इस बयान को भारत की विदेश नीति की नई दिशा के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव (जैसे अमेरिका-चीन, रूस-यूक्रेन) के बीच भारत की यह रणनीति सही समय पर आई है।
सरकार का पक्ष: केंद्र सरकार ने भी साझेदारी को बढ़ावा देने के लिए कई द्विपक्षीय और बहुपक्षीय समझौते किए हैं। डोभाल के बयान को इसी दिशा में एक मजबूत संदेश माना जा रहा है।
Author: saryusandhyanews
SENIOR JOURNALIST



