नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेजेश्कियन (Masoud Pezeshkian) से फोन पर बात की। यह बातचीत हाल ही में अमेरिका-ईरान के बीच हुए 60 दिन के सीजफायर समझौते के बाद दोनों नेताओं के बीच पहली सार्वजनिक फोन कॉल थी।
बातचीत के मुख्य मुद्दे
- पश्चिम एशिया (West Asia) में हाल की घटनाओं और क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति पर विस्तृत चर्चा।
- प्रधानमंत्री मोदी ने सीजफायर की प्रगति का स्वागत किया।
- होर्मुज की खाड़ी में नौवहन की स्वतंत्रता (Freedom of Navigation) पर जोर दिया।
- लंबे समय तक स्थायी शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए कूटनीतिक प्रयासों की जरूरत पर दोनों नेताओं ने सहमति जताई।
प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा:
“ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेजेश्कियन से हालिया घटनाक्रम पर बात की। पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता बनाए रखने की जरूरत पर चर्चा हुई।”
संदर्भ
यह फोन कॉल ऐसे समय में हुई है जब पश्चिम एशिया में तनाव कम करने के प्रयास चल रहे हैं। ईरान ने हाल ही में अमेरिका के साथ सीजफायर समझौता किया है, जिसके बाद क्षेत्र में राहत की खबरें आ रही हैं।
इससे पहले दोनों नेताओं के बीच ईद और नवरोज के अवसर पर भी बातचीत हुई थी, लेकिन सीजफायर के बाद यह पहली महत्वपूर्ण कॉल मानी जा रही है।
भारत का रुख
भारत हमेशा से पश्चिम एशिया में शांति, स्थिरता और ऊर्जा सुरक्षा पर जोर देता रहा है। होर्मुज की खाड़ी भारत के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यहां से देश का बड़ा तेल आयात होता है।
विदेश मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने तथा क्षेत्रीय चुनौतियों का सामना करने के लिए आगे भी संपर्क बनाए रखने पर सहमति बनी।
Author: saryusandhyanews
SENIOR JOURNALIST



