मंगलुरु/नई दिल्ली। स्वतंत्रता दिवस पर कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम् गाने के दौरान हुए कथित विवाद के बाद भाजपा नेताओं ने रविवार (16 अगस्त 2026) को कर्नाटक के मंगलुरु स्थित उर्वा पुलिस स्टेशन में कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। भाजपा का आरोप है कि राष्ट्रीय गीत के गायन के दौरान सोनिया गांधी ने असम्मानजनक व्यवहार किया।
विवाद की पृष्ठभूमि
15 अगस्त 2026 को दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय (इंदिरा भवन) में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान वंदे मातरम् का पूर्ण संस्करण गाया गया। इस दौरान वायरल हुए वीडियो में सोनिया गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को गीत बजने के दौरान आपस में बात करते और इशारे करते देखा गया।
भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि सोनिया गांधी ने गीत रोकने का इशारा किया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में एक कार्यक्रम में इस मुद्दे पर कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सोनिया गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष को गीत रोकने को कहा। उन्होंने इसे “पाप” बताया और कहा कि 140 करोड़ देशवासियों के सामने यह काम माफ नहीं किया जाएगा। शाह ने कांग्रेस से बैंकिम चंद्र चटर्जी की अमर आत्मा और देश की जनता से माफी मांगने की मांग की।
बीजेपी सांसद मनोज तिवारी समेत कई नेताओं ने भी कांग्रेस नेतृत्व पर वंदे मातरम् के प्रति असहजता का आरोप लगाया।
कांग्रेस का पक्ष
कांग्रेस ने इन आरोपों का खंडन किया है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने स्पष्ट किया कि वंदे मातरम् का पूर्ण संस्करण गाया गया और उसे रोकने का कोई प्रयास नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी सिर्फ कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के लिए कुर्सी की व्यवस्था करने को कह रही थीं, क्योंकि वे काफी देर से खड़े थे। रमेश ने 1937 में कांग्रेस कार्यसमिति के उस फैसले का भी जिक्र किया जिसमें रवींद्रनाथ टैगोर की सलाह पर वंदे मातरम् के शुरुआती छंद गाने का निर्णय लिया गया था।
कांग्रेस का कहना है कि पार्टी का राष्ट्रीय गीत के प्रति कोई विरोध नहीं है और पूरा गीत गाया गया।
कर्नाटक में शिकायत
मंगलुरु के बीजेपी नेता विकास पुत्तूर समेत भाजपा कार्यकर्ताओं ने उर्वा पुलिस स्टेशन में सोनिया गांधी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने राष्ट्रीय गीत के अपमान का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज करने और कानूनी कार्रवाई की मांग की। पुत्तूर ने कहा कि अगर कर्नाटक की कांग्रेस सरकार और पुलिस कार्रवाई नहीं करती तो वे कर्नाटक हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।
यह शिकायत राजनीतिक रूप से संवेदनशील मानी जा रही है क्योंकि कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार है।
यह विवाद दोनों प्रमुख दलों के बीच तीखे आरोप-प्रत्यारोप का रूप ले चुका है। भाजपा इसे कांग्रेस की मानसिकता से जोड़ रही है, जबकि कांग्रेस इसे राजनीतिक रूप से प्रेरित और बनावटी मुद्दा बता रही है।
Author: saryusandhyanews
SENIOR JOURNALIST



