ढाका/नई दिल्ली। बांग्लादेश सरकार ने रविवार (16 अगस्त 2026) को स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री तारिक रहमान तब तक भारत का दौरा नहीं करेंगे, जब तक भारत शेख हसीना और अन्य भगोड़ों के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया तेज नहीं करता। बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय के अधिकारी ए.के.एम. शाहिदुल करीम ने पत्रकारों से कहा कि यात्रा के लिए अनुकूल माहौल बनाना जरूरी है।
क्या कहा बांग्लादेश ने?
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने मीडिया अटकलों को खारिज करते हुए कहा, “हमारा मानना है कि इस यात्रा के लिए एक अनुकूल माहौल बनाने की जरूरत है। इसके लिए हमने भारतीय अधिकारियों से अनुरोध किया है कि वे शेख हसीना और अन्य भगोड़े अपराधियों को प्रत्यर्पित करने के हमारे अनुरोध पर तेजी से कार्रवाई करें।”
उन्होंने द्विपक्षीय प्रत्यर्पण संधि का भी जिक्र किया। बांग्लादेश का कहना है कि शेख हसीना पर मानवता के खिलाफ अपराधों के आरोप साबित हो चुके हैं और वे दोषी हैं।
पृष्ठभूमि
तारिक रहमान फरवरी 2026 में प्रधानमंत्री बने थे। उन्होंने भारत की बजाय पहले मलेशिया और चीन का दौरा किया था। भारत ने उन्हें द्विपक्षीय यात्रा और ब्रिक्स समिट के आउटरीच सत्र के लिए न्योता दिया था। हाल के दिनों में दोनों देशों के अधिकारियों के बीच यात्रा को लेकर चर्चा चल रही थी। कुछ रिपोर्ट्स में अगस्त के अंत या सितंबर की संभावित तारीखों का जिक्र था।
हालांकि शेख हसीना के भारत में मीडिया इंटरैक्शन और उनके बयानों के बाद बांग्लादेश ने कहा कि माहौल खराब हो गया है।
भारत का रुख
भारत ने बांग्लादेश के प्रत्यर्पण अनुरोध को “जांच के दायरे में” बताया है। विदेश मंत्रालय ने यात्रा को लेकर आधिकारिक रूप से कोई नई घोषणा नहीं की है। भारत का रुख यह रहा है कि दोनों देशों के बीच संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए प्रयास जारी हैं।
शेख हसीना के 2024 में सत्ता छोड़कर भारत आने के बाद दोनों देशों के रिश्ते तनावपूर्ण रहे। तारिक रहमान की सरकार आने के बाद वीजा सेवाओं की बहाली जैसे कुछ सकारात्मक कदम उठाए गए थे, लेकिन शेख हसीना का मुद्दा अभी भी दोनों देशों के बीच बड़ा अड़चन बना हुआ है।
Author: saryusandhyanews
SENIOR JOURNALIST



