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IDFC फर्स्ट बैंक घोटाला: CBI ने 504 करोड़ रुपये के मामले में मुख्य आरोपी गिरफ्तार

चंडीगढ़/नई दिल्ली: केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने हरियाणा सरकार के 504 करोड़ रुपये के बड़े फंड गबन घोटाले में बड़ी कार्रवाई की है। CBI ने IDFC फर्स्ट बैंक से जुड़े इस मामले में मुख्य दोषियों में से एक को गिरफ्तार किया है।

मामला क्या है?

यह घोटाला हरियाणा सरकार के विभिन्न विभागों (स्कूल शिक्षा, कृषि विपणन बोर्ड आदि) के IDFC फर्स्ट बैंक (सेक्टर-32, चंडीगढ़ शाखा) और AU स्मॉल फाइनेंस बैंक में जमा फंड से जुड़ा है। आरोप है कि बैंक अधिकारियों और सरकारी अधिकारियों की मिलीभगत से फर्जी फिक्स्ड डिपॉजिट बनाकर और शेल कंपनियों के जरिए सरकारी पैसे का गबन किया गया।

CBI की जांच में अब तक कई बैंक अधिकारियों, सरकारी कर्मचारियों और निजी व्यक्तियों को आरोपी बनाया जा चुका है।

हालिया गिरफ्तारी

CBI ने हाल ही में शमीम दार (तत्कालीन एरिया हेड, IDFC फर्स्ट बैंक) और चरणजीत सिंह रंधावा (तत्कालीन ब्रांच मैनेजर, AU स्मॉल फाइनेंस बैंक) को गिरफ्तार किया है। इससे पहले हरियाणा कैडर के सीनियर IAS अधिकारी पंकज अग्रवाल को भी इस मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है।

CBI का आरोप है कि इन अधिकारियों ने सरकारी नियमों का उल्लंघन करते हुए खाते खोले और फंड की हेराफेरी की। जांच एजेंसी पहले ही 15-17 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है।

घोटाले की गंभीरता

  • कुल ₹504 करोड़ हरियाणा सरकार के फंड का गबन।
  • फर्जी दस्तावेजों और शेल एंटिटी के जरिए पैसे को दूसरे खातों में ट्रांसफर किया गया।
  • हरियाणा सरकार ने दोनों बैंकों को डी-एम्पैनल कर दिया है और आगे की जांच चल रही है।

CBI की जांच

CBI ने इस मामले में कई जगहों पर छापेमारी की है। दिल्ली-NCR, चंडीगढ़ और पंचकूला समेत कई ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन चलाए गए। एजेंसी डिजिटल सबूतों (ईमेल, मैसेज, बैंक ट्रांजेक्शन) की भी जांच कर रही है। कुछ आरोपियों पर डिजिटल सबूत नष्ट करने का भी आरोप है।

CBI के प्रवक्ता ने कहा, “जांच जारी है। इस घोटाले में और भी बड़े अधिकारी शामिल हो सकते हैं। हम पूरे नेटवर्क को उजागर करेंगे।”

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Author: saryusandhyanews

SENIOR JOURNALIST

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