पटना, 26 जून 2026 — जन सुराज पार्टी (JSP) के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बैंकिपुर विधानसभा उपचुनाव से चुनाव लड़ने की तैयारी का बड़ा संकेत दिया है। उन्होंने इस उपचुनाव को बीजेपी-नीत एनडीए सरकार के वादों पर जनता का ‘रेफरेंडम’ बताया है। यह सीट बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के राज्यसभा जाने के कारण खाली हुई है और इसे किशोर की राजनीतिक साख का सबसे बड़ा परीक्षण माना जा रहा है।
बैंकिपुर उपचुनाव: क्यों है इतना महत्वपूर्ण?
बैंकिपुर पटना की एक पारंपरिक बीजेपी सीट रही है। पिछले 40 वर्षों से यहां बीजेपी का कब्जा है। नितिन नवीन इस सीट से विधायक थे, जो अब पार्टी अध्यक्ष बनने के बाद राज्यसभा सांसद चुने गए। उपचुनाव की घोषणा अभी चुनाव आयोग द्वारा नहीं की गई है, लेकिन राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
प्रशांत किशोर ने कहा:
“बैंकिपुर बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की सीट है। पिछले 40 साल में किसी ने यहां बीजेपी को नहीं हराया। चूंकि पहली बार बीजेपी का मुख्यमंत्री बना है, इसलिए यह उपचुनाव नवंबर 2025 के वादों पर जनता का रेफरेंडम होगा।”
जन सुराज पार्टी ने फैसला लिया है कि वह इस सीट पर पूरी ताकत के साथ लड़ेगी।
प्रशांत किशोर खुद लड़ेंगे?
जन सुराज के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं की मांग है कि प्रशांत किशोर खुद बैंकिपुर से उम्मीदवार बनें। पार्टी के बिहार अध्यक्ष मनोज भारती ने कहा कि किशोर का फैसला लोगों की इच्छा पर निर्भर करेगा। अगर किशोर मैदान में उतरते हैं तो यह मुकाबला प्रशांत किशोर बनाम नितिन नवीन (बीजेपी) के रूप में राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन जाएगा।
2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में जन सुराज पार्टी का खाता नहीं खुला था। कई सीटों पर जमानत जब्त हुई। ऐसे में बैंकिपुर उपचुनाव किशोर और उनकी पार्टी के लिए ‘करो या मरो’ जैसा चुनाव माना जा रहा है।
प्रशांत किशोर का हमला
किशोर ने एनडीए सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान भव्य वादे किए गए थे, लेकिन अब सरकार ‘लाल और हरा गमछा’ की बातों में व्यस्त है। उन्होंने बिहार की जनता से अपील की कि इस उपचुनाव में बीजेपी को करारा जवाब दिया जाए।
विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया
- राजद और कांग्रेस जैसे विपक्षी दल भी इस सीट पर नजर रखे हुए हैं।
- जन सुराज का दावा है कि पारंपरिक विपक्षी दलों की तुलना में वह बैंकिपुर में बीजेपी को बेहतर तरीके से चुनौती दे सकती है।
राजनीतिक विश्लेषण
राजनीतिक experts का मानना है कि अगर प्रशांत किशोर बैंकिपुर से चुनाव लड़ते हैं और अच्छा प्रदर्शन करते हैं तो यह उनकी बिहार में वापसी का मजबूत संकेत होगा। वहीं, बीजेपी इस सीट को किसी भी कीमत पर बचाने की पूरी कोशिश करेगी क्योंकि यह उसकी प्रतिष्ठा का सवाल बन गया है।
वर्तमान स्थिति: जन सुराज पार्टी पूरे जोर-शोर से तैयारी कर रही है। कार्यकर्ता घर-घर जाकर जनता की समस्याएं सुन रहे हैं। चुनाव आयोग की घोषणा का इंतजार है।
यह उपचुनाव सिर्फ एक सीट का चुनाव नहीं, बल्कि बिहार की आगामी राजनीति की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण मुकाबला साबित हो सकता है।
Author: saryusandhyanews
SENIOR JOURNALIST




