लखनऊ। उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) के अंतर्गत लेसा (LESA) में वर्टिकल सिस्टम को लेकर विभागीय अधिकारियों एवं जूनियर इंजीनियरों के बीच सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। अधिकारियों का मानना है कि शासन द्वारा लिया गया प्रत्येक निर्णय बिजली व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और उपभोक्ता-केंद्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। हालांकि कुछ अधिकारियों ने यह भी सुझाव दिया कि नई व्यवस्था लागू करते समय उपभोक्ताओं की सुविधा और शिकायतों के त्वरित समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
“सरकार का हर निर्णय जनहित में, लेकिन उपभोक्ताओं की परेशानी का समाधान भी जरूरी” – नरेन्द्र पाल शर्मा ,जूनियर इंजीनियर,चिनहट पावर हाउस
लेसा के अधिकारी नरेन्द्र पाल शर्मा ने कहा कि सरकार द्वारा लिया गया प्रत्येक निर्णय विभाग और जनता के हित में होता है तथा उसका सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
मुख्य बयान
“सरकार जो भी निर्णय लेती है, वह निश्चित रूप से जनहित में होता है। लेकिन यह भी आवश्यक है कि उपभोक्ता यह स्पष्ट रूप से जान सकें कि किसी विशेष समस्या के समाधान के लिए उन्हें किस अधिकारी या कार्यालय से संपर्क करना है।”
“डबल केबल नेटवर्क से और मजबूत होगी बिजली व्यवस्था” – अरुण यादव, जेई, वृंदावन योजना
वृंदावन योजना के जूनियर इंजीनियर अरुण यादव ने वर्टिकल सिस्टम का स्वागत करते हुए कहा कि उन्होंने पहले भी विभाग को दोहरी विद्युत आपूर्ति प्रणाली लागू करने का सुझाव दिया था।
मुख्य बयान
“मैंने सुझाव दिया था कि एक केबल पोल के माध्यम से तथा दूसरी भूमिगत (Underground) केबल के रूप में संचालित की जाए। इससे किसी एक लाइन में खराबी आने पर दूसरी लाइन से निर्बाध बिजली आपूर्ति जारी रखी जा सकेगी। मैं वर्टिकल सिस्टम का पूर्ण समर्थन करता हूं।”
उन्होंने कहा कि इस प्रकार की व्यवस्था भविष्य में शहरी क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति को अधिक विश्वसनीय बना सकती है।
“वरिष्ठ अधिकारियों के निर्णयों को पूरी निष्ठा से लागू करेंगे” – विवेक आनंद, जेई, श्रृंगार नगर
श्रृंगार नगर के जूनियर इंजीनियर विवेक आनंद ने कहा कि उन्हें वर्कशॉप और वितरण प्रणाली का अनुभव है, जिसका लाभ नई व्यवस्था में मिलेगा।
मुख्य बयान
“मुझे वर्कशॉप का अनुभव है और मैं वितरण व्यवस्था में अपना 100 प्रतिशत योगदान देने का प्रयास करूंगा। वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा जो भी निर्णय लिया जाएगा, हम उसे सही दिशा में पूरी ईमानदारी से लागू करेंगे।”
“दबाव अधिक है, लेकिन यही हमारी सेवा का दायित्व है” – आर. सी. यादव, सहायक अभियंता, नादरगंज
नादरगंज के सहायक अभियंता आर. सी. यादव ने कहा कि बिजली विभाग की नौकरी हमेशा चुनौतीपूर्ण रही है।
मुख्य बयान
“कार्य का दबाव निश्चित रूप से अधिक रहता है, लेकिन जब हमने इस सेवा को चुना था, तभी यह जिम्मेदारी स्वीकार की थी। जनता को बेहतर बिजली सेवा देना हमारी प्राथमिकता है।”
“वर्टिकल सिस्टम वरिष्ठ ओवरहॉल व्यवस्था जैसा प्रभावी कदम” – जेई शर्मा, मोहनलालगंज
मोहनलालगंज के जूनियर इंजीनियर श्री शर्मा ने नई व्यवस्था का स्वागत करते हुए इसे विभागीय सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
मुख्य बयान
“मैं वर्टिकल सिस्टम का स्वागत करता हूं। यह वरिष्ठ स्तर की ओवरहॉल व्यवस्था जैसा प्रभावी सुधार है, जिससे कार्य प्रणाली और अधिक सुव्यवस्थित होगी।”
“ऊर्जा बचाएं, समय पर बिजली बिल जमा करें” – दिवाकर यादव, जेई, नादरगंज
नादरगंज के जूनियर इंजीनियर दिवाकर यादव ने उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील की।
मुख्य बयान
“मैं सभी उपभोक्ताओं से अनुरोध करता हूं कि ऊर्जा की बचत करें तथा समय पर बिजली बिल जमा करें। उपभोक्ताओं का सहयोग विभाग को बेहतर सेवाएं देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।”
“रातों की नींद त्यागकर भी बिजली आपूर्ति बनाए रखते हैं” – जेई, राजेन्द्र नगर
राजेन्द्र नगर के जूनियर इंजीनियर ने कहा कि बिजली व्यवस्था बनाए रखने के लिए विभागीय कर्मचारी दिन-रात मेहनत करते हैं।
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“हम लगातार यह प्रयास करते हैं कि बिजली आपूर्ति बाधित न हो। कई बार रातभर जागकर फॉल्ट ठीक करने पड़ते हैं। उपभोक्ताओं से अपेक्षा है कि वे हमारी मेहनत और समर्पण का सम्मान करें। मैं वर्टिकल सिस्टम का पूर्ण स्वागत करता हूं।”
वर्टिकल सिस्टम से क्या होंगे संभावित लाभ?
- विभागीय जवाबदेही और कार्य विभाजन अधिक स्पष्ट होगा।
- तकनीकी एवं वितरण कार्यों में विशेषज्ञता आधारित संचालन संभव होगा।
- शिकायतों के समाधान में तेजी आने की संभावना है।
- बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता और विश्वसनीयता में सुधार हो सकता है।
- आधुनिक प्रबंधन प्रणाली के माध्यम से उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं मिलने की उम्मीद है।
Author: saryusandhyanews
SENIOR JOURNALIST




