नई दिल्ली। भारत की रक्षा एवं एयरोस्पेस तकनीक को नई ऊँचाइयों तक पहुंचाने वाली वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. शुभा वी. अयंगर को राष्ट्रपति Droupadi Murmu ने वर्ष 2026 के पद्म पुरस्कार समारोह में पद्मश्री से सम्मानित किया। यह सम्मान उन्हें देश की रक्षा, विमानन सुरक्षा और स्वदेशी वैज्ञानिक तकनीकों के विकास में उनके असाधारण योगदान के लिए प्रदान किया गया।
डॉ. शुभा वी. अयंगर का नाम भारत के अग्नि मिसाइल कार्यक्रम से जुड़े वैज्ञानिकों में प्रमुखता से लिया जाता है। उन्होंने रक्षा अनुसंधान एवं एयरोस्पेस क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण तकनीकी परियोजनाओं में योगदान दिया। उनके शोध और तकनीकी नवाचारों ने भारत की सामरिक क्षमता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उनकी सबसे उल्लेखनीय उपलब्धि “दृष्टि (Drishti)” नामक स्वदेशी रनवे विजिबिलिटी मेजरमेंट सिस्टम का विकास है। यह प्रणाली कोहरे, वर्षा और धूल जैसी प्रतिकूल परिस्थितियों में रनवे की दृश्यता का सटीक आकलन करती है। आज यह तकनीक भारत के लगभग सभी प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर उपयोग की जा रही है, जिससे विमानों के सुरक्षित टेक-ऑफ और लैंडिंग में बड़ी सहायता मिलती है।
डॉ. अयंगर ने अपने लंबे वैज्ञानिक करियर के दौरान Council of Scientific and Industrial Research के अंतर्गत National Aerospace Laboratories में कार्य करते हुए अनेक स्वदेशी एयरोस्पेस उपकरण और सेंसर विकसित किए। उनके प्रयासों से भारत की विदेशी तकनीकों पर निर्भरता कम हुई और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को नई मजबूती मिली।
राष्ट्रपति भवन में आयोजित नागरिक अलंकरण समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने देश के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तित्वों को पद्म पुरस्कार प्रदान किए। इस अवसर पर डॉ. शुभा वी. अयंगर का सम्मान भारतीय विज्ञान, रक्षा अनुसंधान और महिला वैज्ञानिकों के लिए प्रेरणादायक उपलब्धि माना गया।
डॉ. शुभा वी. अयंगर का सम्मान इस बात का प्रमाण है कि भारतीय वैज्ञानिकों की प्रतिभा केवल रक्षा क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि उनकी तकनीकें नागरिक जीवन, विमानन सुरक्षा और राष्ट्रीय विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। उनका कार्य आने वाली पीढ़ी के वैज्ञानिकों, विशेषकर युवा महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
Author: saryusandhyanews
SENIOR JOURNALIST




