कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी गुरुवार को पश्चिम बंगाल CID के समक्ष कथित हस्ताक्षर जालसाजी (Signature Forgery) मामले में पेश हुए। कई घंटों तक चली पूछताछ के दौरान अभिषेक बनर्जी ने अनेक सवालों के जवाब में बार-बार “मुझे नहीं पता” कहा। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार पूछताछ के दौरान कुछ मौकों पर वह अधिकारियों के सवालों से नाराज भी दिखाई दिए।
यह मामला उन आरोपों से जुड़ा है जिनमें कुछ विधायकों ने दावा किया है कि उनके हस्ताक्षरों का कथित रूप से दुरुपयोग किया गया था। CID इस पूरे प्रकरण की जांच कर रही है और इसी सिलसिले में अभिषेक बनर्जी को पूछताछ के लिए बुलाया गया था। जांच एजेंसी का कहना है कि मामले के तथ्यों को स्पष्ट करने के लिए उनका बयान महत्वपूर्ण है।
सूत्रों के अनुसार CID अधिकारियों ने दस्तावेजों, हस्ताक्षरों और संबंधित पत्राचार को लेकर कई प्रश्न पूछे, जिन पर अभिषेक बनर्जी ने कई बार कहा कि उन्हें इस संबंध में जानकारी नहीं है। पूछताछ कई घंटों तक चली और अधिकारियों ने मामले के विभिन्न पहलुओं पर उनसे स्पष्टीकरण मांगा।
इस बीच, CID ने अभिषेक बनर्जी को 14 जून को फिर से पूछताछ के लिए उपस्थित होने का निर्देश दिया है। जांच एजेंसी का मानना है कि मामले से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं पर अभी और जानकारी जुटाने की आवश्यकता है।
राजनीतिक रूप से संवेदनशील बन चुके इस मामले को लेकर पश्चिम बंगाल की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस ने जांच को राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित बताया है, जबकि विपक्ष मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है। उधर, CID का कहना है कि जांच पूरी तरह कानून और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है।
Author: saryusandhyanews
SENIOR JOURNALIST




