तमिलनाडु में राज्य सरकार द्वारा संचालित शराब वितरण निगम TASMAC को लेकर मुख्यमंत्री विजय ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। हाल ही में सामने आए सरकारी और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, TASMAC के संचालन में गंभीर वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के बाद व्यापक सुधार के आदेश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री विजय ने अपने पहले कैबिनेट निर्णयों में TASMAC सिस्टम की पूरी सप्लाई चेन की जांच के निर्देश दिए हैं। इसमें शराब की खरीद, गोदाम संचालन, परिवहन, खुदरा बिक्री और बोतल प्रबंधन तक की निगरानी शामिल है।
1600 करोड़ रुपये की कथित गड़बड़ी का खुलासा
सरकारी रिपोर्टों के अनुसार, TASMAC में लगभग 1600 करोड़ रुपये के अवैध फंड और अनौपचारिक संग्रह की आशंका सामने आई है। यह आरोप लगाया गया है कि यह धनराशि लंबे समय से सिस्टम में पारदर्शिता की कमी के कारण लीक हो रही थी।
717 शराब दुकानों पर कार्रवाई
सरकार ने एक बड़े सर्वे के बाद 717 TASMAC दुकानों को बंद करने का आदेश दिया है। ये दुकानें उन क्षेत्रों में स्थित थीं जहां धार्मिक स्थल, स्कूल, कॉलेज और बस स्टॉप के 500 मीटर के दायरे में शराब बिक्री हो रही थी।
इन दुकानों में—
- 276 दुकानें धार्मिक स्थलों के पास
- 186 दुकानें शैक्षणिक संस्थानों के पास
- 255 दुकानें बस स्टॉप के पास
पाई गईं।
भ्रष्टाचार पर सख्ती और सुधार की योजना
मुख्यमंत्री विजय ने स्पष्ट किया है कि राज्य में शराब बिक्री से होने वाली हर एक राशि सीधे सरकारी खजाने में जमा होनी चाहिए। किसी भी तरह की लीकेज या अवैध वसूली पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सरकार ने संकेत दिया है कि TASMAC की पूरी व्यवस्था को डिजिटल और पारदर्शी बनाया जाएगा ताकि भविष्य में भ्रष्टाचार और राजस्व हानि को रोका जा सके।
राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रिया
इस कदम को सरकार की “भ्रष्टाचार विरोधी और जनहित नीति” के रूप में देखा जा रहा है। वहीं विपक्ष और सामाजिक संगठनों के बीच इस फैसले को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएँ भी सामने आ रही हैं।
Author: saryusandhyanews
SENIOR JOURNALIST




