विशाखापत्तनम, 8 जून 2026 — राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड (RINL) के संचालन वाली विशाखापत्तनम स्टील प्लांट (Vizag Steel Plant) में सोमवार शाम करीब 4:40 बजे एक भयानक औद्योगिक दुर्घटना हो गई। स्टील मेल्टिंग शॉप-1 (SMS-1) के कंटीन्यूअस कास्टिंग डिपार्टमेंट (CCD) में मोल्टन स्टील (पिघला हुआ लोहा) भरे लेडल (Ladle) के फटने/गिरने से भारी मात्रा में 1500-1600 डिग्री सेल्सियस तापमान वाला पिघला धातु बह निकला, जिससे 8 मजदूरों की मौत हो गई और कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।
हादसे का विवरण
घटना SMS-1 यूनिट के मशीन-2 पर हुई, जहां लेडल उठाते समय अचानक ब्लास्ट हुआ। इससे सैकड़ों टन पिघला हुआ स्टील शॉप फ्लोर पर फैल गया और चारों तरफ आग की लपटें उठने लगीं। मौके पर मौजूद मजदूर इस आग की चपेट में आ गए। शव इतने बुरी तरह जल गए कि पहचान में दिक्कत हो रही है।
मरने वालों में 6 स्थायी कर्मचारी और 2 ठेकेदार मजदूर शामिल हैं। कुछ पहचानी गई पहचान:
- अप्पा राव
- प्रभाकर राव
- कृष्णा
- रामाना
- त्रिनाथ
घायल मजदूरों को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जिनमें कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।
बचाव कार्य
सीआईएसएफ की फायर विंग, प्लांट की इमरजेंसी टीम और स्थानीय प्रशासन ने तुरंत मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया।
सरकार और प्रशासन की प्रतिक्रिया
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर दुख व्यक्त किया और मृतकों के परिवारों को ₹2 लाख तथा घायलों को ₹50,000 की सहायता राशि देने की घोषणा की।
- आंध्र प्रदेश सरकार और विशाखापत्तनम जिला कलेक्टर एम. अभिषेक ने स्थिति की समीक्षा की।
- RINL प्रबंधन ने जांच समिति गठित कर दी है। प्राथमिक जांच में क्रेन फेलियर या लेडल की तकनीकी खराबी को कारण माना जा रहा है।
- मजदूर यूनियनों ने प्लांट की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं और मुआवजे व नौकरियों की मांग की है।
पिछले हादसों का संदर्भ
यह प्लांट में पिछले कई वर्षों में सबसे बड़ा हादसा है। वर्ष 2012 में SMS-3 यूनिट के ऑक्सीजन प्लांट में ब्लास्ट में 16 लोगों की मौत हो चुकी है।
विशाखापत्तनम स्टील प्लांट देश का प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र का इस्पात उत्पादक है और स्थानीय अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार है। इस हादसे से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
मृतकों को श्रद्धांजलि देते हुए हम उनके परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं। प्लांट प्रबंधन से अपील है कि मजदूरों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
Author: saryusandhyanews
SENIOR JOURNALIST




