नई दिल्ली, 6 जून 2026 – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज आर्थिक सलाहकार परिषद (Economic Advisory Council – EAC-PM) की महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में वैश्विक अनिश्चितताओं, विशेष रूप से दक्षिण-पूर्व एशिया में जारी आर्थिक संकट के बीच भारत की आर्थिक वृद्धि को मजबूत करने, सुगमता सुधारों और लंबी अवधि की रणनीतियों पर चर्चा हुई।
बैठक में ईएसी चेयरमैन एस. महेंद्र देव और अन्य सदस्यों (जिनमें संजीव सन्याल शामिल) ने भाग लिया। चर्चा का मुख्य फोकस भारत की मजबूत आर्थिक स्थिति को बनाए रखना, निवेश बढ़ाना और वैश्विक चुनौतियों से निपटने की रणनीति तैयार करना रहा।
दक्षिण-पूर्व एशिया का आर्थिक संकट
दक्षिण-पूर्व एशिया के कई देशों में आर्थिक मंदी की स्थिति बनी हुई है। विश्व बैंक के अनुसार, 2026 में क्षेत्रीय विकास दर 4.2% तक घटने की उम्मीद है। मुख्य कारणों में शामिल हैं:
- मध्य पूर्व (वेस्ट एशिया) संघर्ष से ऊर्जा कीमतों में वृद्धि
- वैश्विक व्यापार तनाव और टैरिफ नीतियां
- चीन की आर्थिक चुनौतियां और घरेलू ऋण का बोझ (थाईलैंड, वियतनाम आदि में)
थाईलैंड में विकास दर 1.3% तक गिरने का अनुमान है, जबकि वियतनाम और इंडोनेशिया भी प्रभावित हो रहे हैं। ऊर्जा आयात पर निर्भर देशों में मुद्रास्फीति और आपूर्ति श्रृंखला की समस्या बढ़ रही है।
बैठक में प्रमुख चर्चाएं
- भारत की मजबूती: वित्तीय वर्ष 2025-26 में भारत की जीडीपी वृद्धि 7.7% रही। बैठक में Q1 2026-27 के लिए 7.2% के आसपास अनुमान पर विचार हुआ।
- सुधार: ‘ईज ऑफ लिविंग’ और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को और बेहतर बनाने के उपाय।
- जोखिम प्रबंधन: ऊर्जा बाजार, व्यापार मार्गों और वैश्विक अस्थिरता के प्रभाव का आकलन।
- दीर्घकालिक लक्ष्य: 2047 तक विकसित भारत (विकसित भारत) के विजन को साकार करने की दिशा में रणनीति।
प्रधानमंत्री मोदी ने सदस्यों से नवाचार, रोजगार सृजन और विनिर्माण क्षेत्र को मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वैश्विक संकट के बावजूद भारत अपनी मजबूत नीतियों और सुधारों के बल पर आगे बढ़ रहा है।
विशेषज्ञों की राय
आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि दक्षिण-पूर्व एशिया का संकट भारत के लिए अवसर भी पैदा कर सकता है, खासकर सप्लाई चेन डाइवर्सिफिकेशन और एफडीआई आकर्षित करने में। हालांकि, तेल की ऊंची कीमतें मुद्रास्फीति का खतरा बढ़ा रही हैं।
अपडेट: बैठक के बाद सरकार जल्द ही नए आर्थिक उपायों की घोषणा कर सकती है। पीएम मोदी की यह बैठक वैश्विक चुनौतियों के समय भारत की सक्रिय तैयारी को दर्शाती है। पूरा देश आर्थिक स्थिरता और विकास की दिशा में इन कदमों पर नजर रखे हुए है।
Author: saryusandhyanews
SENIOR JOURNALIST




