नई दिल्ली, 25 मई 2026: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हाल ही में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के बीच सरकार की नीति पर स्पष्टीकरण दिया है।
मुंबई में SIDBI के 37वें स्थापना दिवस पर बोलते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ने मार्च 2026 में पेट्रोल और डीजल पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क (Excise Duty) में ₹10 प्रति लीटर की कमी की थी। इसका मकसद वैश्विक कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से आम नागरिकों और व्यवसायों को बचाना था।
सरकार पर राजस्व प्रभाव सीतारमण ने बताया कि इस कटौती के कारण सरकार पर इस वर्ष ₹1 लाख करोड़ से अधिक का राजस्व प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया (ईरान संकट) में चल रही अस्थिरता के कारण कच्चे तेल की कीमतें बढ़ी हैं, जिसका असर खुदरा कीमतों पर पड़ रहा है।
हालांकि, मार्च में ₹10 प्रति लीटर ड्यूटी कटौती के बावजूद हाल के दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में ₹3 प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है। तेल कंपनियां (OMCs) वैश्विक कीमतों के आधार पर यह समायोजन कर रही हैं।
मुख्य बिंदु:
- सरकार ने मार्च 2026 में पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी ₹10/लीटर घटाई।
- इसका उद्देश्य उपभोक्ताओं को महंगाई से बचाना था।
- इसके बावजूद वैश्विक कारणों से पंप पर कीमतें बढ़ी हैं।
- वित्त मंत्री ने आशावाद बनाए रखने की अपील की और कहा कि सरकार एमएसएमई क्षेत्र को मजबूत करने के लिए नई पहल कर रही है।
Author: saryusandhyanews
SENIOR JOURNALIST




