नई दिल्ली, 21 मई 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज गुरुवार को केंद्रीय मंत्रिपरिषद की एक महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता करने जा रहे हैं। बैठक शाम 4 बजे (कुछ रिपोर्ट्स में 5 बजे) दिल्ली के सेवा तीर्थ (Sewa Teerth) में आयोजित होगी। सभी केंद्रीय मंत्रियों को राष्ट्रीय राजधानी में मौजूद रहने के निर्देश दिए गए हैं।
यह बैठक प्रधानमंत्री के हालिया विदेश दौरे (नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे, इटली और UAE) के तुरंत बाद हो रही है। सूत्रों के अनुसार, यह मध्यावधि समीक्षा (mid-term review) के रूप में देखी जा रही है, जिसमें विभिन्न मंत्रालयों के कामकाज, नीतिगत निर्णयों, शासन सुधारों और सरकारी योजनाओं की प्रगति पर विस्तृत चर्चा होगी।
बैठक के प्रमुख मुद्दे
- पश्चिम एशिया संकट और आर्थिक प्रभाव: पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के कारण तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई हैं, जिससे भारत में थोक मुद्रास्फीति बढ़कर 8.3 प्रतिशत हो गई है। भारत अपनी 90 प्रतिशत तेल जरूरतें आयात करता है, इसलिए ऊर्जा सुरक्षा, ईंधन मूल्य और अर्थव्यवस्था पर इसके प्रभाव पर फोकस रहने की संभावना है।
- शासन और सुधार: मंत्रालयों की परफॉर्मेंस की समीक्षा और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा।
- मंत्रिमंडल फेरबदल की अटकलें: बैठक को संभावित कैबिनेट रीशफल से भी जोड़ा जा रहा है, हालांकि सरकार की ओर से अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
बैठक में सभी कैबिनेट मंत्रियों, स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्रियों और राज्य मंत्रियों के शामिल होने की उम्मीद है। यह लंबे समय बाद मंत्रिपरिषद की पूर्ण बैठक मानी जा रही है।
पृष्ठभूमि
प्रधानमंत्री मोदी के विदेश दौरे में व्यापार, प्रौद्योगिकी, AI, सेमीकंडक्टर और ऊर्जा सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई थी। इन मुद्दों को घरेलू नीतियों से जोड़कर आगे की रणनीति बनाई जाएगी। सरकार का फोकस विकास कार्यों को तेज करने, जन कल्याण योजनाओं को प्रभावी बनाने और चुनौतियों का सामना करने पर रहेगा।
यह बैठक ऐसे समय हो रही है जब देश आर्थिक चुनौतियों और वैश्विक घटनाक्रमों से निपटने की तैयारी कर रहा है। बैठक के बाद संभावित फैसलों और बयानों पर सबकी नजर रहेगी।
Author: saryusandhyanews
SENIOR JOURNALIST




