नई दिल्ली, 12 अप्रैल 2026 — दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने एक बड़े साइबर फ्रॉड रैकेट का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने फर्जी निवेश और डिजिटल अरेस्ट के झांसे में लोगों से 43 लाख रुपये की ठगी की। यह रैकेट इंटरस्टेट स्तर पर सक्रिय था और मुख्य रूप से आम नागरिकों को लालच देकर या डराकर पैसे ऐंठता था।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी शाहदरा जिले और आसपास के इलाकों से जुड़े थे। इनके खिलाफ कई शिकायतें दर्ज थीं। रैकेट मुख्य रूप से दो तरीकों से ठगी करता था — उच्च रिटर्न वाले फर्जी स्टॉक मार्केट/ट्रेडिंग निवेश और डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर।
ठगी का तरीका
आरोपियों ने व्हाट्सएप ग्रुप और सोशल मीडिया के जरिए लोगों को आकर्षक ऑफर दिए। वे दावा करते थे कि “गारंटीड हाई रिटर्न” के साथ स्टॉक मार्केट या ऑनलाइन ट्रेडिंग में निवेश करें। पीड़ित जब पैसे ट्रांसफर करते, तो पहले कुछ छोटे रिटर्न दिखाकर विश्वास जीतते और फिर बड़े अमाउंट मांगते। जब पीड़ित पूरा पैसा दे देता, तो आरोपी संपर्क काट लेते और पैसे गायब हो जाते।
एक अन्य मामले में उन्होंने डिजिटल अरेस्ट का झांसा देकर पीड़ित को डराया। फर्जी CBI, पुलिस या TRAI अधिकारी बनकर कॉल करते और कहते कि पीड़ित पर कोई केस दर्ज है या उसका फोन/बैंक अकाउंट फ्रॉड में शामिल है। डर के मारे पीड़ित पैसे ट्रांसफर कर देता।
पुलिस ने इन आरोपियों के म्यूल बैंक अकाउंट्स का भी पता लगाया, जिनका इस्तेमाल ठगे गए पैसे को घुमाने और मुख्य ठगों तक पहुंचाने के लिए किया जाता था।
गिरफ्तारी और बरामदगी
दिल्ली पुलिस की शाहदरा साइबर पुलिस टीम ने सूचना मिलने पर त्वरित कार्रवाई की। छापेमारी में तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। उनके पास से मोबाइल फोन, सिम कार्ड, लैपटॉप और कुछ दस्तावेज बरामद हुए। पुलिस ने ठगे गए पैसे का कुछ हिस्सा फ्रीज भी कर लिया है।
डीसीपी (शाहदरा) ने कहा, “यह रैकेट छोटा नहीं था। ये लोग कई राज्यों में सक्रिय थे और आम लोगों की कमजोरी का फायदा उठाते थे। हम इस गैंग के और सदस्यों की तलाश कर रहे हैं।”
दिल्ली पुलिस की अपील
दिल्ली पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि:
- किसी भी अनजान व्हाट्सएप ग्रुप या कॉल पर निवेश न करें।
- हाई रिटर्न का लालच न दिखाएं।
- डिजिटल अरेस्ट या फर्जी पुलिस अधिकारी की कॉल आने पर तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 या दिल्ली पुलिस हेल्पलाइन पर संपर्क करें।
- बैंक डिटेल्स या OTP कभी शेयर न करें।
Author: saryusandhyanews
SENIOR JOURNALIST




