मेघालय के पश्चिम गारो हिल्स जिले में आज कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने के बाद प्रशासन ने कर्फ्यू लागू कर दिया है। यह कदम इलाके में हुई हिंसा, तोड़फोड़ और तनावपूर्ण हालात को देखते हुए उठाया गया है। प्रशासन का कहना है कि कर्फ्यू का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में शांति बहाल करना और किसी भी अप्रिय घटना को रोकना है।
कर्फ्यू लगाने का कारण
मेघालय में गारो हिल्स स्वायत्त जिला परिषद (GHADC) के आगामी चुनावों को लेकर विवाद पैदा हो गया। चुनाव के नामांकन से जुड़ी प्रक्रिया को लेकर कई संगठनों और समूहों के बीच तनाव बढ़ गया। इसी दौरान पश्चिम गारो हिल्स के चिबिनांग क्षेत्र में उपद्रवियों ने दुकानों में तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं कीं, जिससे स्थिति गंभीर हो गई।
बताया गया कि कुछ जगहों पर हिंसक झड़पें हुईं और पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कार्रवाई करनी पड़ी। इस दौरान पुलिस फायरिंग में दो लोगों की मौत हो गई, जिससे पूरे इलाके में तनाव और बढ़ गया।
प्रशासन द्वारा उठाए गए कदम
स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए जिला प्रशासन ने कई सख्त कदम उठाए हैं—
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पश्चिम गारो हिल्स जिले में 24 घंटे का कर्फ्यू लागू किया गया है।
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अफवाहों को रोकने के लिए मोबाइल इंटरनेट सेवाएं 48 घंटे के लिए बंद कर दी गई हैं।
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सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल और सुरक्षा एजेंसियां तैनात की गई हैं।
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प्रशासन द्वारा लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की गई है।
चुनाव से जुड़ा विवाद
यह विवाद मुख्य रूप से GHADC चुनाव के लिए उम्मीदवारों से वैध अनुसूचित जनजाति (ST) प्रमाणपत्र की अनिवार्यता से जुड़ा बताया जा रहा है। इस नियम को लेकर कुछ समूहों ने विरोध जताया, जिसके कारण इलाके में तनाव बढ़ गया।
वर्तमान स्थिति
फिलहाल प्रशासन और सुरक्षा बल स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में फ्लैग मार्च और निगरानी बढ़ा दी गई है। प्रशासन का कहना है कि हालात सामान्य होने पर कर्फ्यू में ढील दी जाएगी।
Author: saryusandhyanews
SENIOR JOURNALIST




