तमिलनाडु में सत्तारूढ़ द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (DMK) और कांग्रेस के बीच सीट-बंटवारे पर मचे घमासान में मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने बड़ा कदम उठाया है। मंगलवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम के साथ हुई लंबी बैठक के बाद DMK ने कांग्रेस को 27 विधानसभा सीटें और एक राज्यसभा सीट देने का अंतिम प्रस्ताव रख दिया है।
DMK सूत्रों ने बताया कि यह बढ़ोतरी पहले के 25 सीटों के ऑफर से की गई है। स्टालिन ने साफ कहा कि इससे ज्यादा नहीं दिया जा सकता क्योंकि अन्य सहयोगी दलों को भी सीटें देनी हैं।
क्या हुआ बैठक में?
- चिदंबरम ने स्टालिन और कनिमोझी करुणानिधि से मुलाकात की।
- कांग्रेस की मांग थी — कम से कम 30 विधानसभा सीटें + एक राज्यसभा सीट।
- DMK ने कहा — “27 सीटें + एक राज्यसभा सीट अंतिम है।”
- चिदंबरम ने कहा कि वे कांग्रेस हाई कमांड (मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, के.सी. वेणुगोपाल) से बात करके जवाब देंगे।
कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, “हम 30 से कम पर मानने को तैयार नहीं हैं। अब फैसला दिल्ली लेगी। अगर यह ऑफर ठुकरा दिया गया तो गठबंधन पर असर पड़ सकता है।”
पृष्ठभूमि
- 2021 के चुनाव में कांग्रेस को DMK ने 25 सीटें दी थीं, जिनमें से 18 जीती थीं।
- इस बार कांग्रेस 30-35 सीटें चाहती है।
- DMK ने पहले ही IUML, MMK, DMDK समेत कई छोटे दलों के साथ सीट-बंटवारा कर लिया है।
- कुल 234 सीटों वाली तमिलनाडु विधानसभा के लिए चुनाव अप्रैल-मई 2026 में होने की संभावना है।
DMK ने कांग्रेस को यह भी आश्वासन दिया है कि स्थानीय निकाय चुनावों में उन्हें ज्यादा सीटें मिलेंगी। लेकिन कांग्रेस हाई कमांड आज या कल इस प्रस्ताव पर अपनी राय देगी।
DMK महासचिव ने कहा, “स्टालिन भाईचारे के रिश्ते को बनाए रखना चाहते हैं, लेकिन गठबंधन में सभी को समान न्याय मिलना चाहिए।”
अब सभी की निगाहें कांग्रेस हाई कमांड पर टिकी हैं। अगर कांग्रेस ने 27 सीटें स्वीकार कर लीं तो INDIA ब्लॉक में एकजुटता बनी रहेगी, वरना नया मोड़ आ सकता है।
Author: saryusandhyanews
SENIOR JOURNALIST




