जयपुर, 13 जनवरी 2026: आज जयपुर के जगतपुरा स्थित महल रोड पर भारतीय सेना के 78वें सेना दिवस परेड 2026 की पूर्ण ड्रेस रिहर्सल आयोजित की गई। यह रिहर्सल 15 जनवरी को होने वाली मुख्य परेड की तैयारी का हिस्सा थी, जिसमें सेना की बहादुरी, बलिदान और आधुनिक परिवर्तन की झलक दिखाई दी। पहली बार राज्य की राजधानी के सिविल क्षेत्र में आयोजित इस परेड ने हजारों दर्शकों को आकर्षित किया, जो सेना के जज्बे को देखकर अभिभूत हो गए।
रिहर्सल का विवरण और स्थान
पूर्ण ड्रेस रिहर्सल सुबह से शुरू हुई और इसमें सेना के विभिन्न दलों ने भाग लिया। स्थान महल रोड था, जो जयपुर के जगतपुरा इलाके में स्थित है। यह रिहर्सल 15 जनवरी को होने वाली मुख्य परेड का पूर्ण पूर्वाभ्यास था, जिसमें जमीन पर सटीक ड्रिल, सिंक्रोनाइज्ड कॉलम और हवा में शक्ति का प्रदर्शन शामिल था। सेना कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह ने सलामी ली, जो सप्त शक्ति कमांड के आर्मी कमांडर हैं। यह रिहर्सल पहले की रिहर्सलों (जैसे 11 और 12 जनवरी) की निरंतरता थी, लेकिन आज की रिहर्सल में विशेष रूप से हेलीकॉप्टर डिस्प्ले और नए उठाए गए भैरव बटालियनों का प्रदर्शन प्रमुख रहा।
रिहर्सल का उद्देश्य सेना की उच्चतम प्रशिक्षण स्तर और ऑपरेशनल उत्कृष्टता को प्रदर्शित करना था। इसमें जमीन पर अनुशासित मार्च-पास्ट, आधुनिक हथियार प्रणालियां, टैंक, मिसाइल यूनिट्स, ड्रोन और महिला अधिकारियों की भागीदारी शामिल थी। हवा में अपाचे और प्रचंड हेलीकॉप्टरों का प्रदर्शन दर्शकों के लिए रोमांचक रहा।
भाग लेने वाले दल और प्रमुख हाइलाइट्स
रिहर्सल में भारतीय सेना के विभिन्न कंटिंजेंट्स ने हिस्सा लिया, जिसमें नवगठित भैरव बटालियनों का पहला प्रदर्शन शामिल था। इसके अलावा, नेपाल आर्मी का एक कंटिंजेंट भी शामिल हुआ, जो भारत और नेपाल के बीच मजबूत सैन्य सहयोग, साझा इतिहास और मित्रता का प्रतीक था।
प्रमुख हाइलाइट्स में स्वदेशी रूप से विकसित सैन्य हार्डवेयर का प्रदर्शन था, जैसे उन्नत हथियार प्रणालियां, आधुनिक प्लेटफॉर्म्स, कटिंग-एज वॉर-फाइटिंग इक्विपमेंट (जिनमें से कई ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सिद्ध हुए), विरासती सिस्टम्स, टैंक, आर्टिलरी गन, मिसाइल सिस्टम्स, ड्रोन, हेलीकॉप्टर और फाइटर एयरक्राफ्ट। रिहर्सल ने भारतीय सेना की “बहादुरी, बलिदान और परिवर्तन की गाथा” को ट्रेस किया, जिस पर दर्शकों ने लगातार तालियां बजाईं।
राजस्थान की सांस्कृतिक झलक भी दिखी, जिसमें कच्छी जैसे प्रसिद्ध लोक नृत्य और पर्यटन, कला एवं संस्कृति विभाग के टेब्लो शामिल थे। डीआरडीओ द्वारा डिजाइन किए गए उपकरणों का प्रदर्शन भी प्रमुख रहा, जैसे 46 मीटर की ऊंचाई वाले इंजीनियरिंग सिस्टम।
महिला अधिकारियों की बड़ी भागीदारी ने रिहर्सल को और अधिक प्रेरणादायक बनाया, जो सेना में लिंग समानता और महिला सशक्तिकरण का प्रतीक था। मेजर अनहत सिंह चठ्ठा के नेतृत्व में दल ने शानदार प्रदर्शन किया।
दर्शकों की उपस्थिति और प्रतिक्रिया
साफ मौसम के कारण हजारों लोग रिहर्सल देखने पहुंचे। लोग सुबह 7 बजे से ही स्पॉट्स बुक करने लगे थे। मालवीय नगर के एक 60 वर्षीय निवासी ने कहा, “ऐसा लगा जैसे पूरा जयपुर यहां आ गया है। यह हमारे लिए गर्व का पल है।”
सोशल मीडिया पर भी रिहर्सल की तस्वीरें और वीडियो वायरल हो रही हैं, जहां लोग सेना के अनुशासन और शौर्य की सराहना कर रहे हैं। पहली बार जयपुर में आयोजित होने के कारण स्थानीय लोगों में उत्साह चरम पर था।
Author: saryusandhyanews
SENIOR JOURNALIST




