सिडनी, 1 जनवरी 2026 – ऑस्ट्रेलिया के सिडनी शहर ने एक बार फिर दुनिया को दिखा दिया कि न्यू ईयर का जश्न कैसे एक अविस्मरणीय उत्सव बन जाता है। हार्बर ब्रिज और ओपेरा हाउस के बीच रंग-बिरंगी आतिशबाजी की बौछार ने 2025 को अलविदा कहते हुए 2026 का स्वागत किया। लाखों दर्शकों की भीड़, संगीत की धुनें और आसमान पर फूलों की वर्षा – यह रात सिडनी की परंपरा का प्रतीक बनी, जो हर साल वैश्विक स्तर पर प्रसारित होती है। इस बार का जश्न खास था, क्योंकि इसमें पर्यावरण-अनुकूल आतिशबाजी और डिजिटल लाइट शो का मिश्रण जोड़ा गया, जो जलवायु परिवर्तन के प्रति जागरूकता का संदेश देता था।
परंपरा और भव्यता का संगम
सिडनी का न्यू ईयर फायरवर्क्स शो दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे पुराना आयोजन है, जो 1976 से चला आ रहा है। हर साल 31 दिसंबर को सूर्यास्त के बाद शुरू होने वाला यह शो दो चरणों में होता है – पहले ‘फैमिली फायरवर्क्स’ शाम 9 बजे, जो बच्चों और परिवारों के लिए सुरक्षित और रंगीन होते हैं, और फिर मिडनाइट का ग्रैंड फिनाले, जो 12 मिनट की धमाकेदार प्रस्तुति के साथ समाप्त होता है। 2025-26 में, सिडनी हार्बर अथॉरिटी ने 1.5 मिलियन डॉलर का बजट आवंटित किया, जिसमें 8,000 से अधिक आतिशबाजियां शामिल की गईं।
इस बार की खासियत थी ‘ग्रीन स्पार्कल्स’ – बायोडिग्रेडेबल और कम धुएं वाली आतिशबाजियां, जो पारंपरिक पाइरोटेक्निक्स से 40% कम कार्बन उत्सर्जन करती हैं। आसमान पर ‘पीस एंड प्रोस्पेरिटी’ थीम के तहत ड्रोन लाइट शो भी जोड़ा गया, जिसमें 500 ड्रोन ने हृदय, फूल और ऑस्ट्रेलियाई वन्यजीवों के आकार बनाए। प्रसिद्ध संगीतकारों जैसे कायली मिनोग और टीआईईस्टो के लाइव परफॉर्मेंस ने हार्बर के किनारों पर जमा भीड़ को झूमने पर मजबूर कर दिया।
लाखों की भीड़, वैश्विक उत्साह
सिडनी के सर्कुलर क्वे, द रॉक्स और पॉट्स पॉइंट जैसे इलाकों में अनुमानित 1.5 मिलियन लोग जुटे। पर्यटन मंत्रालय के अनुसार, यह संख्या महामारी के बाद सबसे अधिक थी। परिवारों ने पिकनिक बास्केट सजाए, जबकि युवा पीढ़ी ने सोशल मीडिया पर लाइव स्ट्रीमिंग की। विश्व भर से पर्यटक – भारत, चीन और यूरोप से – इस जश्न का हिस्सा बने। एक भारतीय पर्यटक ने कहा, “सिडनी की आतिशबाजी दिल्ली के दीवाली से भी ज्यादा रोमांचक लगी। यह एकता और उम्मीद का प्रतीक है।”
हालांकि, भीड़ प्रबंधन के लिए सख्त सुरक्षा उपाय किए गए थे। पुलिस और वॉलंटियर्स ने 200 किमी लंबे बैरिकेड लगाए, जबकि ड्रोन सर्विलांस से किसी अप्रिय घटना को रोका गया। महापौर क्लोवर मूर ने कहा, “यह रात सिडनी की आत्मा को दर्शाती है – विविधता, रचनात्मकता और सकारात्मक ऊर्जा से भरी।”
ऐतिहासिक महत्व और भविष्य की झलक
सिडनी का यह शो न केवल मनोरंजन है, बल्कि ऑस्ट्रेलिया की सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा है। 2000 के ओलंपिक के बाद यह वैश्विक आइकन बन गया। 2025 में, जब जलवायु संकट चरम पर था, तो आयोजकों ने ‘सस्टेनेबल सिडनी’ थीम अपनाई। अगले साल के लिए योजना है कि आतिशबाजी को पूरी तरह इलेक्ट्रॉनिक लेजर शो से बदल दिया जाए, जो पर्यावरण को और सुरक्षित रखेगा।
Author: saryusandhyanews
SENIOR JOURNALIST




