नई दिल्ली, 31 दिसंबर 2025 – ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लुला दा सिल्वा के नेतृत्व में 2026 में भारत आने वाली सबसे बड़ी प्रतिनिधि मंडल की घोषणा ने दोनों देशों के बीच संबंधों को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने का वादा किया है। फरवरी 2026 के दूसरे सप्ताह में होने वाले इस ऐतिहासिक दौरे में ब्राजील के 200 से अधिक सदस्यों वाली यह मंडल व्यापार, रक्षा, ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिजों और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में गहन सहयोग पर चर्चा करेगी। यह दौरा न केवल द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य रखता है, बल्कि वैश्विक चुनौतियों जैसे जलवायु परिवर्तन और डिजिटल अर्थव्यवस्था में भी दोनों उभरती शक्तियों को एकजुट करेगा।
पृष्ठभूमि: मजबूत नींव पर नया अध्याय
लुला और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच संबंध पहले से ही गहरे हैं। जुलाई 2025 में जब मोदी ब्रासीलिया पहुंचे, तो दोनों नेताओं ने प्रतिबंधित और प्रतिनिधि स्तर की बैठकों में बहुआयामी सहयोग पर चर्चा की। संयुक्त बयान में लुला ने भारत को 2026 के एआई शिखर सम्मेलन के लिए बधाई दी, जबकि मोदी ने ब्राजील की जी20 प्रेसीडेंसी की सराहना की। नवंबर 2025 में ब्रासीलिया में हुई फोन वार्ता में लुला ने स्पष्ट कहा, “भारत और ब्राजील दो महान राष्ट्र हैं, जिनके उद्देश्य ऊंचे हैं। हम व्यापार और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने के लिए निकटता से काम करेंगे।”
इस दौरे की तैयारी में ब्राजील की सशस्त्र सेनाओं के तीनों कमांडरों ने पहले ही भारत का दौरा किया है। लुला का यह दौरा 2024 के जी20 अनुभव से प्रेरित है, जहां उन्होंने स्वीकार किया कि भारत से बहुत कुछ सीखा। अब, ट्रंप प्रशासन की व्यापारिक शत्रुताओं के बीच लुला और मोदी नए बाजारों की तलाश में एकजुट हो रहे हैं।
प्रतिनिधि मंडल: विविधता और अवसरों का संगम
यह ब्राजील की अब तक की सबसे बड़ी विदेशी प्रतिनिधि मंडल होगी, जिसमें मंत्रियों, वैज्ञानिकों, उद्योगपतियों और सांस्कृतिक प्रतिनिधियों का समावेश होगा। प्रमुख फोकस क्षेत्र इस प्रकार हैं:
- व्यापार और अर्थव्यवस्था: द्विपक्षीय व्यापार वर्तमान 15 अरब डॉलर से बढ़ाकर 30 अरब डॉलर करने का लक्ष्य। कृषि व्यवसाय, जैव ईंधन और महत्वपूर्ण खनिजों (जैसे लिथियम) में साझेदारी पर जोर। भारतीय कंपनियां ब्राजील के अमेजन क्षेत्र में निवेश करेंगी, जबकि ब्राजील भारत को हरित ऊर्जा तकनीक प्रदान करेगा।
- रक्षा और प्रौद्योगिकी: संयुक्त सैन्य अभ्यास और ड्रोन तकनीक में सहयोग। ब्राजील की एयरोस्पेशल कंपनी इमब्राेर भारतीय वायुसेना के लिए नए विमान प्रस्ताव लाएगी।
- स्वास्थ्य और विज्ञान: कोविड के बाद की चुनौतियों से निपटने के लिए वैक्सीन उत्पादन में साझा प्लेटफॉर्म। लुला की मंडल में वैज्ञानिक भारत के एआई और बायोटेक क्षेत्र से जुड़ेंगे।
- जलवायु और पर्यावरण: अमेजन और हिमालयी पारिस्थितिक तंत्रों की रक्षा के लिए संयुक्त फंड। दोनों देश COP30 के लिए रणनीति साझा करेंगे।
नई दिल्ली में होने वाले द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन के अलावा, लुला मुंबई और बैंगलोर का भी दौरा करेंगे, जहां वे भारतीय उद्योगपतियों से मुलाकात करेंगे।
चुनौतियां और आशाएं: वैश्विक मंच पर मजबूत आवाज
हालांकि, व्यापार युद्धों और वैश्विक मंदी के बीच यह दौरा चुनौतियों से भरा है। ब्राजील अमेरिकी टैरिफ से प्रभावित हो रहा है, जबकि भारत चीनी आयात पर निर्भरता कम करना चाहता है। लेकिन लुला का आशावादी दृष्टिकोण साफ है: “हम दक्षिण-दक्षिण सहयोग को मजबूत करेंगे।”
विशेषज्ञों का मानना है कि यह दौरा BRICS को नई गति देगा। पूर्व राजदूत आर.के. राघव ने कहा, “लुला का दौरा भारत-ब्राजील संबंधों का मील का पत्थर बनेगा, जो वैश्विक दक्षिण की एकता को मजबूत करेगा।”
Author: saryusandhyanews
SENIOR JOURNALIST




