नई दिल्ली, 28 दिसंबर 2025: दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण के संकट के बीच अकुंस ड्रग्स एंड फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड के प्रेसिडेंट-फाइनेंस राजकुमार बाफना ने अपना इस्तीफा दे दिया है। कंपनी ने शनिवार को स्टॉक एक्सचेंज को सूचित किया कि बाफना 31 दिसंबर 2025 को अपनी जिम्मेदारियों से मुक्त हो जाएंगे। उनका इस्तीफा दिल्ली की जहरीली हवा को मुख्य कारण बताते हुए दिया गया है, जहां एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 400 से ऊपर पहुंच चुका है।
इस्तीफे का कारण: स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं
अकुंस ड्रग्स की ओर से जारी नियामकीय फाइलिंग में कहा गया है कि बाफना ने इस महीने की शुरुआत में अपना इस्तीफा सौंपा था, लेकिन कंपनी ने इसे स्वास्थ्य कारणों से जोड़ते हुए स्वीकार कर लिया। बाफना के इस्तीफा पत्र में स्पष्ट रूप से दिल्ली के प्रदूषण स्तर का उल्लेख किया गया है, जो सर्दियों में हर साल चरम पर पहुंच जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह घटना न केवल कॉर्पोरेट जगत में पर्यावरणीय मुद्दों को उजागर करती है, बल्कि शीर्ष अधिकारियों के बीच स्वास्थ्य जागरूकता को भी बढ़ावा दे रही है।
बाफना, जो कंपनी के वित्तीय रणनीति और फंडिंग के प्रमुख थे, ने अपने कार्यकाल के दौरान अकुंस को कई बड़े अधिग्रहणों और विस्तार योजनाओं में सहायता प्रदान की। कंपनी, जो भारत की तीसरी सबसे बड़ी कॉन्ट्रैक्ट डेवलपमेंट एंड मैन्युफैक्चरिंग ऑर्गनाइजेशन (CDMO) है, ने कहा कि बाफना का जाना कंपनी के संचालन को प्रभावित नहीं करेगा। अकुंस ने एक आंतरिक उम्मीदवार को उनकी जगह नियुक्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
प्रदूषण संकट और कॉर्पोरेट प्रतिक्रिया
दिल्ली में AQI के 400 से अधिक होने के कारण स्कूल बंद हैं, निर्माण कार्य रुके हुए हैं और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने मास्क पहनने की सलाह दी है। बाफना का इस्तीफा इस संकट के बीच आया है, जब कई अन्य कंपनियां भी अपने कर्मचारियों को वर्क-फ्रॉम-होम या अन्य शहरों में स्थानांतरित करने पर विचार कर रही हैं। बिजनेस स्टैंडर्ड के अनुसार, बाफना ने पत्र में लिखा, “दिल्ली की हवा अब मेरे स्वास्थ्य के लिए खतरा बन चुकी है।” कंपनी ने इस पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की, लेकिन कहा कि वे पर्यावरणीय स्थिरता पर जोर दे रहे हैं।
अकुंस ड्रग्स, जो हरियाणा स्थित है और वैश्विक स्तर पर दवाओं का निर्माण करती है, हाल ही में कई अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों का विस्तार कर चुकी है। इस इस्तीफे से कंपनी के शेयरों में कोई बड़ा उतार-चढ़ाव नहीं देखा गया, लेकिन विश्लेषकों का मानना है कि वित्तीय नेतृत्व में बदलाव से 2026 की योजनाओं पर नजर रखनी होगी।
Author: saryusandhyanews
SENIOR JOURNALIST




