पणजी, 12 दिसंबर 2025 (संवाददाता): गोवा के वागाटोर स्थित रोमियो लेन नाइटक्लब में हाल ही में हुई भयानक आग की घटना के बाद अब एक नया विवाद सामने आया है। मुंबई की एक महिला ने आरोप लगाया है कि नवंबर में क्लब में घुसते ही स्टाफ ने उनके परिवार पर हमला किया, ‘तुम्हारा स्टेटस क्या है’ कहकर अपमानित किया और लाठियों से पीटा। यह क्लब लूथरा बंधुओं का है, जिन्हें अग्निकांड में लापरवाही के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। महिला का बयान क्लब की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है, जहां एक ही प्रवेश-निकास द्वार होने से भागना मुश्किल था।
महिला, वीबhav चंदेल ने एनडीटीवी को दिए बयान में कहा, “क्लब में घुसते ही स्टाफ ने रूखा व्यवहार किया। एक छोटी सी कुर्सी हटाने की बात पर मैनेजर ने मेरे चचेरे भाई का कॉलर पकड़ लिया और बाउंसरों को बुला लिया। उन्होंने कहा, ‘तुम्हारा स्टेटस क्या है, यहां आने लायक नहीं हो।'” चंदेल के अनुसार, 1 नवंबर को क्लब में पहुंचे उनके परिवार पर स्टाफ ने हमला बोल दिया। बाउंसरों ने प्रवेश द्वार पर बैरिकेड लगा दिया, जिससे निकलना असंभव हो गया। जब उनके भाई ने बैरिकेड हटाने की कोशिश की, तो एक बाउंसर ने लाठी से उन पर प्रहार किया। “उन्होंने मेरी बहन को छाती पर मारा, उसे इतना धक्का दिया कि सीढ़ियों से गिर पड़ी। जब मैंने रोकने की कोशिश की, तो मुझे भी पीटा,” चंदेल ने बताया।
अग्निकांड का काला अध्याय और सुरक्षा चूक
यह आरोप गोवा के बर्च नाइटक्लब (रोमियो लेन का हिस्सा) में 8 दिसंबर को लगी आग के ठीक पहले का है, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई और कई घायल हुए। गोवा पुलिस ने लूथरा बंधुओं- राहुल और रवि लूथरा- को गिरफ्तार किया है, क्योंकि क्लब में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं हुआ था। जांच में पता चला कि क्लब में केवल एक ही प्रवेश-निकास था, जो आग के दौरान घातक साबित हुआ। चंदेल ने कहा, “क्लब का लेआउट ही दम घुटने वाला था। स्टाफ की गुंडागर्दी से हम डर गए थे।”
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, चंदेल का बयान क्लब की पुरानी शिकायतों को उजागर करता है। उन्होंने बताया कि स्टाफ ने परिवार को पीटा, सिर पर मुक्के मारे और पाइप से वार किए। गोवा प्रशासन अब क्लब की सुरक्षा व्यवस्था की फिर से जांच कर रहा है, खासकर पर्यटक क्षेत्रों में।
लूथरा बंधुओं पर बढ़ते आरोप
लूथरा बंधु दिल्ली के बिजनेसमैन हैं, जो गोवा में कई नाइटक्लब चलाते हैं। अग्निकांड के बाद भूमि मालिक प्रदीप घड़ी अमोंकर ने भी आरोप लगाया कि अधिकारियों ने संपत्ति का जोनिंग गैरकानूनी तरीके से बदला, जिससे क्लब का निर्माण संभव हुआ। हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार, चंदेल ने कहा कि मैनेजर ने उनके चचेरे भाई को कॉलर पकड़कर बाउंसरों को बुलाया और पूरे समूह पर हमला किया। रिपब्लिक वर्ल्ड की रिपोर्ट में चंदेल ने क्लब की खराब इंफ्रास्ट्रक्चर और आक्रामक स्टाफ का जिक्र किया।
मनीकंट्रोल ने बताया कि चंदेल की बहन को छाती पर मारा गया, जिससे वह सीढ़ियों से गिर पड़ी। पुलिस ने चंदेल की शिकायत पर एफआईआर दर्ज करने की बात कही है, लेकिन अभी कोई कार्रवाई नहीं हुई। यह घटना गोवा के पर्यटन उद्योग पर सवाल उठा रही है, जहां विदेशी और घरेलू पर्यटक सुरक्षा की उम्मीद करते हैं।
प्रभाव और जांच की मांग
यह मामला गोवा सरकार के लिए चुनौती बन गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि क्लबों में स्टाफ ट्रेनिंग और सुरक्षा ऑडिट अनिवार्य होने चाहिए। चंदेल ने कहा, “हमने सिर्फ मस्ती करने सोचा था, लेकिन वहां हिंसा का सामना करना पड़ा।” गोवा पुलिस ने कहा कि सभी आरोपों की जांच की जाएगी।
Author: saryusandhyanews
SENIOR JOURNALIST




