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देव दीपावली का भव्य उत्सव: काशी की गंगा तटों पर लाखों दीपों की ज्योति, योगी ने क्रूज से आरती की

वाराणसी, 5 नवंबर 2025: पवित्र काशी में देव दीपावली का पर्व आज धूमधाम से मनाया गया, जहां गंगा के घाटों पर लाखों दीपों की ज्योति ने शहर को स्वर्ग जैसा बना दिया। कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित इस उत्सव में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विशेष रूप से हिस्सा लिया। सीएम ने गंगा नदी पर क्रूज से भव्य गंगा आरती का अवलोकन किया, जिसमें थ्री-डी शो और आतिशबाजी ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। यह आयोजन न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी एक बड़ा आकर्षण साबित हुआ।

देव दीपावली, जिसे ‘देवों की दीपावली’ भी कहा जाता है, का विशेष महत्व वाराणसी में है। मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव ने गंगा को पृथ्वी पर उतारा था, इसलिए देवता गंगा स्नान के लिए आते हैं। आज सुबह से ही लाखों श्रद्धालु सरयू-गंगा के घाटों पर पहुंचे, जहां डासाश्वमेध, मणिकर्णिका और अन्य घाटों पर 10 लाख से अधिक दीप प्रज्वलित किए गए। पर्यटन विभाग के अनुसार, इस बार 50 हजार से अधिक पर्यटक शहर पहुंचे, जिससे होटल और परिवहन व्यवस्था चरम पर रही।

सीएम योगी का दो दिवसीय दौरा: विकास और संस्कृति का संगम

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दो दिवसीय दौरे पर वाराणसी पहुंचे। उन्होंने कहा, “काशी हमारी सांस्कृतिक धरोहर है। देव दीपावली जैसे पर्व हमें अपनी जड़ों से जोड़ते हैं।” सीएम ने क्रूज पर सवार होकर गंगा आरती देखी, जिसमें लेजर शो और सांस्कृतिक नृत्यों ने रंग जमाया। इसके अलावा, उन्होंने रोपवे प्रोजेक्ट का निरीक्षण किया और स्थानीय कारीगरों से मुलाकात की। योगी ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नई योजनाओं का ऐलान भी किया, जिसमें गंगा घाटों पर सोलर लाइटिंग और डिजिटल गाइड ऐप शामिल हैं।

आयोजन में बॉलीवुड गीतकार और काशी के सपूत जावेद अख्तर भी शरीक हुए, जिन्होंने कहा, “यह पर्व प्रकाश और शांति का प्रतीक है। काशी की यह ज्योति दुनिया भर में फैलेगी।” शाम को हुई आतिशबाजी ने आकाश को रंग-बिरंगे फूलों से सजा दिया, जबकि घाटों पर चंदन की डिब्बियां और मूर्तियां वितरित की गईं।

पर्यावरण और सुरक्षा: सरकार की विशेष तैयारी

इस बार देव दीपावली को पर्यावरण अनुकूल बनाने पर जोर दिया गया। पारंपरिक दीयों के साथ-साथ इको-फ्रेंडली लैंप्स का उपयोग किया गया, और प्लास्टिक मुक्त अभियान चलाया गया। एनडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष इंतजाम किए, जिसमें ड्रोन सर्विलांस और मेडिकल कैंप शामिल थे। एक अधिकारी ने बताया, “कोई बड़ी अप्रिय घटना नहीं हुई, और स्नान के दौरान 2 लाख श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई।”

देव दीपावली का यह उत्सव काशी को वैश्विक पटल पर चमकाता है। यूनेस्को की सांस्कृतिक विरासत सूची में शामिल होने की दिशा में यह आयोजन महत्वपूर्ण कदम है। पर्यटकों ने सोशल मीडिया पर #DevDeepawaliKashi ट्रेंड कराया, जहां वीडियो और फोटो वायरल हो रहे हैं।

काशी की यह दीपमाला न केवल अंधकार मिटाती है, बल्कि जीवन में नई आशा का संचार करती है। अगले साल के लिए और भव्य आयोजन की उम्मीद है, जो उत्तर प्रदेश को सांस्कृतिक पर्यटन का हब बनाएगा।

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Author: saryusandhyanews

SENIOR JOURNALIST

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