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‘बहुत सुगम रही यात्रा’: पहले भारत-चीन सीधी उड़ान के कप्तान ने कहा, 5 साल बाद बहाल हुई सेवाएं

गुआंगझोउ/कोलकाता, 27 अक्टूबर 2025: एशिया के दो विशालकाय देशों भारत और चीन के बीच 5 साल के लंबे अंतराल के बाद सोमवार को पहली सीधी उड़ान सफलतापूर्वक उतरी। इंडिगो एयरलाइंस की यह उड़ान कोलकाता से गुआंगझोउ पहुंची, जो दोनों देशों के बीच संबंधों में सुधार का प्रतीक बनी। उड़ान के कप्तान अभिजीत मुखर्जी ने उतरते ही कहा, “यह यात्रा बहुत सुगम रही।” फूलों का गुलदस्ता थामे उन्होंने एएफपी को बताया कि बिना सीधी उड़ान के यात्रियों को बैंकॉक या सिंगापुर जैसे हवाई अड्डों से होकर जाना पड़ता था, जो समय और थकान दोनों बढ़ाता है।

घटना का विवरण: रिबन कटिंग से स्वागत

कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से सुबह रवाना हुई यह उड़ान दोपहर में गुआंगझोउ पहुंची। चेक-इन काउंटर पर रिबन कटिंग समारोह हुआ, जहां लंबी कतार में खड़े यात्रियों ने उत्साह दिखाया। यह पहली सीधी उड़ान 2020 के बाद से चली आ रही हवाई यात्रा निलंबन को समाप्त करने वाली है। कप्तान मुखर्जी, जो 55 वर्षीय अनुभवी पायलट हैं, ने कहा, “ट्रांसफर से बचत हुई। यह सीधी उड़ान यात्रियों के लिए वरदान है।” यात्रा के दौरान कोई तकनीकी खराबी या मौसम संबंधी समस्या नहीं आई, जिसकी वजह से यह ‘बहुत सुगम’ रही।

उड़ान में सवार अधिकांश यात्री व्यवसायी थे, जो सीमा-पार व्यापार के अवसर तलाश रहे थे। एक यात्री रशिका मिंत्री, 44 वर्षीय इंटीरियर डिजाइनर, ने कहा, “यह यात्रा इतनी सुगम और आसान रही, मानो प्यार भरी हो।” वहीं, भारतीय व्यवसायी अतहर अली ने इसे संबंधों को सुधारने की ‘पहली कदम’ बताया।

पृष्ठभूमि: 5 साल का निलंबन और संबंधों का सुधार

2020 में सीमा विवाद के कारण भारत और चीन के बीच सीधी उड़ानें बंद हो गई थीं। कोविड-19 महामारी ने भी इसमें योगदान दिया। लेकिन पिछले साल रूस में और इस साल अगस्त में चीन में दोनों नेताओं की बैठकों के बाद संबंधों में गर्मजोशी आई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकातों ने हवाई संपर्क बहाल करने का मार्ग प्रशस्त किया।

भारत का चीन के साथ बड़ा व्यापार घाटा है, जहां चीनी कच्चे माल पर निर्भरता अधिक है। यह उड़ान व्यापार को बढ़ावा देगी। इंडिगो, भारत की सबसे बड़ी वाणिज्यिक एयरलाइन, दैनिक उड़ानें संचालित करेगी। नवंबर से दिल्ली से शंघाई और गुआंगझोउ के लिए अतिरिक्त सेवाएं शुरू होंगी। कोलकाता का चीन से सदियों पुराना संबंध है, जब ब्रिटिश काल में चीनी व्यापारी यहां आए थे।

यात्रियों और विशेषज्ञों की प्रतिक्रिया

यात्रियों ने सुविधा की सराहना की। एक व्यापारी ने कहा, “अब व्यापार आसान होगा।” विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम आर्थिक सहयोग को मजबूत करेगा। कप्तान मुखर्जी ने फूलों के गुलदस्ते के साथ तस्वीरें खिंचवाईं, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं। उन्होंने कहा, “यह न केवल यात्रा का सुगम होना, बल्कि दोनों देशों के बीच पुल का निर्माण है।”

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Author: saryusandhyanews

SENIOR JOURNALIST

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