कुआलालंपुर, 27 अक्टूबर 2025: भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने सोमवार को मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर में आयोजित 47वें आसियान (एसोसिएशन ऑफ साउथईस्ट एशियन नेशंस) शिखर सम्मेलन के साइडलाइन्स पर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय संबंधों, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई, जो वर्तमान में चल रही भारत-अमेरिका व्यापार वार्ताओं के बीच विशेष रूप से महत्वपूर्ण साबित हुई। जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मुलाकात की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा, “कुआलालंपुर में सुबह @SecRubio से मिलकर खुशी हुई। हमारी द्विपक्षीय संबंधों तथा क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की सराहना करता हूं।”
बैठक का संदर्भ और प्रमुख चर्चा बिंदु
यह बैठक ट्रंप प्रशासन द्वारा भारत पर लगाए गए 50 प्रतिशत टैरिफ के तुरंत बाद हुई, जो द्विपक्षीय व्यापार संबंधों में तनाव पैदा कर रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) को अंतिम रूप देने पर जोर दिया, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच फरवरी में प्रस्तावित था। वाणिज्य मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा, “हम बहुत करीब हैं।” पांच दौर की वार्ताओं के बाद, यह समझौता भारत और अमेरिका के बीच संतुलित और स्थायी व्यापार ढांचे को मजबूत करेगा।
जयशंकर और रूबियो ने क्षेत्रीय मुद्दों जैसे दक्षिण चीन सागर में तनाव, इंडो-पैसिफिक रणनीति और वैश्विक चुनौतियों पर भी बात की। रूबियो ने पत्रकारों से कहा, “हम पाकिस्तान के साथ रणनीतिक संबंधों को बढ़ावा दे रहे हैं, लेकिन यह भारत के साथ हमारे गहरे, ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण संबंधों को प्रभावित नहीं करेगा।” यह बयान भारत की चिंताओं को दूर करने का प्रयास था, खासकर अमेरिका-पाकिस्तान संबंधों में हालिया उछाल के बीच।
आसियान शिखर सम्मेलन का महत्व
मलेशिया द्वारा आयोजित यह 47वां आसियान शिखर सम्मेलन क्षेत्रीय एकजुटता और तटस्थता पर केंद्रित है। मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने कहा, “ध्रुवीकरण बढ़ने के बीच तटस्थता और केंद्रीयता की जगह सिकुड़ रही है।” जयशंकर ने रविवार को अनवर इब्राहिम, सिंगापुर के विदेश मंत्री विवियन बालाकृष्णन और थाईलैंड के विदेश मंत्री सिहासाक फुआंगकेटकियो से अलग-अलग बातचीत की। प्रधानमंत्री मोदी ने भारत-आसियान शिखर सम्मेलन में वर्चुअल रूप से भाग लिया, जो उनका 12वां ऐसा भागीदारी था।
आसियान, 11 देशों का एक प्रभावशाली क्षेत्रीय समूह है, जिसमें भारत, अमेरिका, चीन, जापान और ऑस्ट्रेलिया जैसे देश संवाद साझेदार हैं। इस सम्मेलन में आसियान व्यापार इन गुड्स एग्रीमेंट (एटीआईजीए) के दूसरे प्रोटोकॉल का हस्तांतरण भी हुआ, जो आर्थिक एकीकरण को बढ़ावा देगा।
भारत-अमेरिका संबंधों का व्यापक परिप्रेक्ष्य
यह बैठक भारत की “एक्ट ईस्ट” नीति का हिस्सा है, जो दक्षिण-पूर्व एशिया के साथ संबंधों को मजबूत करती है। ट्रंप के टैरिफ हमले के बाद यह पहली प्रमुख कूटनीतिक बातचीत थी, जो दोनों देशों के बीच विश्वास बहाली का संकेत देती है। रूबियो ने कहा, “हम न केवल व्यापार साझेदार हैं, बल्कि सांस्कृतिक साझेदार भी हैं।” विशेषज्ञों का मानना है कि यह मुलाकात इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में चीन के बढ़ते प्रभाव के खिलाफ रणनीतिक सहयोग को मजबूत करेगी।
Author: saryusandhyanews
SENIOR JOURNALIST




