खगड़िया, 27 अक्टूबर 2025 – बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की सरगर्मियों के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को खगड़िया में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए विपक्ष पर तीखा प्रहार किया। छठ महापर्व के पावन अवसर पर आयोजित इस रैली में शाह ने एनडीए सरकार की उपलब्धियों का बखान किया और चेतावनी दी कि अगर विपक्ष सत्ता में आया तो बिहार फिर से ‘जंगल राज’ की चपेट में आ जाएगा। रैली में हजारों की संख्या में उपस्थित जनसमूह ने शाह के भाषण पर खूब तालियां बजाईं, जो चुनावी माहौल को और गर्म कर गया।
रैली का माहौल: छठ पूजा की भक्ति और चुनावी जोश का संगम
खगड़िया के ऐतिहासिक मैदान पर आयोजित इस रैली में छठ पूजा के उत्साह का रंग झलक रहा था। मंच सजाया गया था ठेकुआ, फूलों की मालाओं और ‘जय छठी माईया’ के बैनरों से। एनडीए के वरिष्ठ नेता, स्थानीय विधायक उम्मीदवार और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद थे। शाह ने जैसे ही मंच पर कदम रखा, नारों का दौर शुरू हो गया – ‘अमित भाई जिंदाबाद’, ‘मोदी-नीतीश की जोड़ी जिंदाबाद’। रैली की शुरुआत छठ पूजा की बधाई से हुई, जिसमें शाह ने कहा, “छठी माईया से प्रार्थना है कि बिहार ‘जंगल राज’ से मुक्त रहे, कानून-व्यवस्था मजबूत हो, हमारी बहनें-बेटियां सुरक्षित रहें और बिहार विकसित राज्य बने।”
यह रैली शाह की बिहार यात्रा का हिस्सा है, जिसमें उन्होंने शनिवार को मुंगेर और नालंदा में भी सभाएं कीं। इससे पहले शुक्रवार को सिवान में उनकी रैली में भी भारी भीड़ उमड़ी थी। इन रैलियों का उद्देश्य एनडीए के ‘विकास राज’ के एजेंडे को जन-जन तक पहुंचाना है।
शाह का तीखा प्रहार: राहुल पर ‘घुसपैठिया बचाओ यात्रा’ का तंज
अपने संबोधन में अमित शाह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा, “राहुल गांधी ‘घुसपैठिया बचाओ यात्रा’ निकाल रहे हैं, लेकिन बिहार के लोग कभी घुसपैठियों को वोट नहीं देंगे। हम वादा करते हैं कि एनडीए सत्ता में आया तो बिहार से एक भी घुसपैठिया नहीं बचेगा।” शाह ने मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) का जिक्र करते हुए विपक्ष पर आरोप लगाया कि वे घुसपैठियों को वोटर लिस्ट में बने रहने देना चाहते हैं।
शाह ने आरजेडी नेता तेजस्वी यादव पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, “तेजस्वी कहते हैं कि बिहार में कानून-व्यवस्था खराब है, लेकिन हमने नक्सलवाद को खत्म किया है। अगर लालू-राबड़ी सरकार लौटी तो जंगल राज लौटेगा।” सिवान रैली में शाह ने अपराधी शहाबुद्दीन की विचारधारा को हराने की अपील की, जो रघुनाथपुर सीट पर आरजेडी के उम्मीदवार के रूप में चर्चा में है।
विकास के वादे: ‘पांच पांडवों’ की एकजुटता
रैली में शाह ने एनडीए को ‘पांच पांडव’ बताते हुए कहा कि गठबंधन एकजुट है और बिहार को विकसित बनाने का संकल्प लिया है। उन्होंने केंद्र सरकार की योजनाओं का जिक्र किया – जैसे कि नक्सलवाद मुक्त बिहार, सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर से पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद पर प्रहार। “कांग्रेस-आरजेडी सरकार में आतंकियों को बिरयानी दी जाती थी, लेकिन मोदी सरकार ने पाकिस्तान में घुसकर उन्हें नेस्तनाबूद कर दिया,” शाह ने कहा।
शाह ने बिहार के विकास पर जोर देते हुए कहा, “यह चुनाव सिर्फ विधायक, मंत्री या मुख्यमंत्री बनाने का नहीं, बल्कि जंगल राज या विकास राज चुनने का है। एनडीए सत्ता में आया तो बिहार पूरे देश में विकसित राज्य के रूप में जाना जाएगा।” उन्होंने सीएम नीतीश कुमार की सराहना की और कहा, “नीतीश ने बिहार को कानून की राह पर डाला, और अब मोदी-नीतीश की डबल इंजन सरकार ने इसे विकास की गति दी।”
चुनावी संदर्भ: 14 नवंबर को ‘असली दीवाली’
शाह ने रैली में स्पष्ट संकेत दिया कि 14 नवंबर को एनडीए की जीत के साथ बिहार में ‘असली दीवाली’ मनाई जाएगी। उन्होंने विपक्ष के ‘महागठबंधन’ को कमजोर बताते हुए कहा कि तेजस्वी की मुहिम चुनाव से पहले ही ढह चुकी है। बिहार चुनाव 2025 में 243 सीटों पर वोटिंग होनी है, और एनडीए बहुमत हासिल करने के लिए जोर-शोर से प्रचार कर रहा है।
विपक्ष ने शाह के बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया दी। आरजेडी ने इसे ‘भ्रम फैलाना’ बताया, जबकि कांग्रेस ने घुसपैठिया मुद्दे पर केंद्र की नीतियों पर सवाल उठाए।
Author: saryusandhyanews
SENIOR JOURNALIST




